अपील:दशहरा को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम करे प्रशासन

जहानाबाद2 महीने पहले
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  • दुर्गापूजा आयोजन के समन्वय समिति के सदस्यों ने अधिकारियों को कराया अपनी चिंता से अवगत

शहर के दुर्गापूजा समन्वय समिति ने दशहरा के दौरान पूर्व के कड़वे अनुभवों को देखते हुए इस साल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन से अपनी चिंता जाहिर कर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने की अपील की है। मंगलवार को यहां अनुमंडल कार्यालय में अनुमंडल पदाधिकारी पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी व नगर थानाध्यक्ष के साथ पूजा समन्वय समिति के प्रमुख सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक में उक्त आशय को लेकर गहन विचार विमर्श किया गया।

समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि गत वर्षों में जिस तरह से कुछ असामाजिक तत्वों ने हिंदुओं के महापर्व को जिस तरह से कलंकित करने की कोशिश की है, यह पहले से ही जगजाहिर है। ऐसे में प्रशासन को इस दफे कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए और दशहरा के दौरान पूजा पंडालों से लेकर शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह फोकस करने की जरूरत है। समिति ने जिन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया उनमें विसर्जन यात्रा की निगरानी ड्रोन कैमरे से कराने की बात कही गई है ताकि असमाजिक तत्व विसर्जन के पवित्र यात्रा को बाधित न कर सकें।

पंडाल में सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना के सुरक्षा नियमों के पालन पर बनी सहमति

इसके अलावा भी समिति ने कई अन्य मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं हैं। जिन प्रमुख मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा गया है उनमें सभी पूजा पंडालों व धर्मिक स्थलों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था व सीसीटीवी कैमरे से चौबीसों घंटे निगरानी की जरूरत पर बल दिया गया है। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर से मेला क्षेत्र में सघन जांच की व्यवस्था, पूर्व की भांति पूरे नवरात्र मांस मछली की बिक्री पर शहर में पूरी तरह रोक लगाने, पूर्व में ब्लेडमारी की घटना व पूजा पंडाल में मांस के टुकड़े फेंके जाने संबंधी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पहले से ही फुलप्रूफ सख्त उपाय करने, बिजली की चौबीसों घंटे निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय के अलावा संवेदनशील जगहों पर केंद्रीय बलों की नियुक्ति आदि कई मांग पर जोर दिया गया है।

पुरानी रूट से ही सुबह आठ बजे निकलेगी विसर्जन यात्रा, शाम 6 बजे तक संपन्न कराने का दिया भरोसा

बैठक में सदस्यों की इस बात पर भी आम सहमति बनी की दुर्गा माता का विसर्जन वर्षों पुराने रूट से ही किया जाएगा। हालांकि समिति ने प्रशासन की सलाह पर इस साल डीजे के प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहने पर अपनी सहमति जताई लेकिन उसके स्थान पर कीर्तन मंडली, कम डिसएबल के ध्वनि विस्तारक यन्त्र व ढोल ताशा का प्रयोग करने की अनुमति मांगी है। पंडाल क्षेत्र में समिति सोशल डिस्टेंसिंग व कोरोना के अन्य सुरक्षा नियमों को मानने पर सहमति जाहिर करते हुए प्रशासन को भी इस मसले पर खुद पूरी तरह से सक्रिय रहने की सलाह दी है। समिति के सदस्यों ने बताया कि ठाकुरबाड़ी के बड़ी देवी मां की विसर्जन यात्रा सुबह आठ बजे से निकलेगा और बड़ी देवी जी का विसर्जन शाम छह बजे कर दिया जाएगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया।

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