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कवायद:जिला परिषद की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए चलेगा अभियान

जहानाबाद19 दिन पहले
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जिला परिषद परामर्शी समिति की बैठक में मौजूद सदस्य। - Dainik Bhaskar
जिला परिषद परामर्शी समिति की बैठक में मौजूद सदस्य।
  • जिप की परामर्शी समिति की बैठक में उठाए गए कई मुद्दे, विधायकों ने अनदेखी का मसला उठाया

जिला परिषद परामर्शी समिति की गुरुवार को यहां समिति के अध्यक्ष आभा रानी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट स्थित ग्रामप्लेक्स में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर कई अहम व लंबित मसलों पर विस्तार से चर्चा कर कई जरूरी निर्णय लिए गए। समिति के सदस्यों ने कहा कि शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में जो भी भूमि है, उसे प्राथमिकता के स्तर पर अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। इस पर जिला अभियंता को डीडीसी ने निर्देश देते हुए कहा कि वे संबंधित अंचल अधिकारी से समन्वय स्थापित कर जिला परिषद भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना सुनिश्चित करें। बैठक में तीनों विधायक भी मौजूद थे।

जन प्रतिनिधियों ने बैठक में कहा कि जिले में शिक्षा की व्यवस्था को सुदृढ एवं सुचारू रूप से संचालन हेतु शिक्षकों, भवनों, भवनों के चार दिवारियों इत्यादि व्यवस्था सुधार करने की आवश्यकता है। इस पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाए। विधायको ने बताया गया कि जिले मे जो भी भवन या योजना से संबंधित कोई भी कार्य मुख्यालय से पत्राचार किया जाता है तो उसकी एक प्रति उन्हें भी उपलब्ध कराई जाए ताकि जरूरत पड़ने पर संबंधित उच्च अधिकारियों से सम्पर्क किया जा सके तथा उसे पूरा कराया जा सके। बैठक में जन प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों ने बारी-बारी से नल जल योजना के बारे में विस्तृत रूप से चर्चा की गई। कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी को क्षेत्र भ्रमण कर अविलंब समस्याओं के निराकरण करने का निर्देश दिया गया।

बैठक से अनुपस्थित सिविल सर्जन व पशुपालन पदाधिकारी से स्पष्टीकरण
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए कार्यपालक अभियंता, विद्युत को निर्देश दिया गया कि जहां कहीं भी विद्युत तार की समस्या यथा ओपेन तार, ट्रांसफर्मा, विद्युत तार जो भवनों के ऊपर से गई है इत्यादि को दुरूस्त कराना सुनिश्चित करें ताकि किसानों को पानी पटवन की समस्या न हो। बैठक में सिविल सर्जन एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी अनुपस्थित थे, जिसके लिए सर्वसम्मति से जन प्रतिनिधि द्वारा क्षोभ प्रकट किया गया। उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई। बैठक में जिला परिषद सदस्य द्वारा अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत सड़कों की समस्या के बारे मे अवगत कराया गया।

कृषि विभाग के सलाहकारों पर मनमानी का आरोप, मनरेगा में बिचौलियों की भूमिका पर सवाल

कृषि विभाग के समीक्षा में जन प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि क्षेत्रों में किसान सलाहकारों द्वारा मनमानी की जा रही है। योजना का जानकारी स्थानीय जन प्रतिनिधि को नहीं दी जाती है। मनमाने तरीके से किसानों को चयनित किया जाता है जो पूर्व से लाभान्वित रहते हैं, जिसके लिए उप विकास आयुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को निदेश दिया कि वैसे किसान सलाहकारों को चिन्हित कर उन्हें स्पष्टीकरण करें। बैठक मे खाद्य आपूर्ति से संबंधित सम्स्याओं का जिक्र किया गया, जिसमें जन प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि मृतकों के नाम से अनाज का उठाव किया जा रहा है तथा क्षेत्रों में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी नहीं आते है, जिसके कारण लाभुकों को समस्या होती है।

जन वितरण प्रणाली बिक्रेता द्वारा मनमानी किया जा रहा है, जिसके लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को निरीक्षण कराने का निदेश दिया गया। विधायकों ने बताया कि मनरेगा योजना अंर्तगत लाभान्वित को उचित लाभ नहीं मिल रहा है, बिचौलियों के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। उप विकास आयुक्त द्वारा आश्वासन दिया गया कि संबंधित अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण का कार्य किया जा रहा है, दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में उद्योग विभाग, जीविका तथा मत्स्य विभाग से संबंधित संचालित योजनाओं का विस्तार से जानकारी दी गई तथा बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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