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अच्छी खबर:साइबेरियन पक्षियों से गुलजार हुआ कोर्ट एरिया

जहानाबाद9 दिन पहले
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पेड़ पर बैठे साबेरियन पक्षी। - Dainik Bhaskar
पेड़ पर बैठे साबेरियन पक्षी।
  • सरकारी परिसरों में बनाते हैं बसेरा, नवंबर के प्रथम सप्ताह के बाद फिर लौटेंगे साइबेरिया

इन दिनो जिला मुख्यालय के कोर्ट एरिया स्थित सरकारी आवास परिसरों स्थित पेड़ों पर फिर से विदेशी मेहमान पक्षियों का बसेरा लग गया है। दरअसल सैकड़ो मील से उड़ान भरकर हर साल ये साइबेरियन पक्षी गर्म प्रदेशों में निवास कर वंश वृद्धि के लिए यहां पहुंचते हैं। जानकारों के अनुसार ये पक्षी 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरते हैं।

बसंत ऋतु प्रारंभ होते ही वंश वृद्धि के उपरांत अपने नए मेहमानों के साथ पुन: साइबेरिया के लिए प्रस्थान कर जाते हैं। खास बात यह है कि ये आम तौर पर सरकारी कार्यालयों व या आवासीय परिसरों में ही डेरा डालते हैं। उनकी चहक से इन दिनो शहर के कोर्ट एरिया के सरकारी परिसर वाले इलाके गुलजार हैं। सरकारी आवासीय प्रांगण में लगे बड़े बड़े पेड़ पर डेरा डाले इन पक्षियों के कोलाहल से सारा वातावरण गुंजायमान रहता है। जानकारों के अनुसार दानापुर कैंट के बाद सबसे अधिक प्रवास इन पक्षियों का यहां जिला मुख्यालय स्थित आवासीय परिसर ही रहता है। पक्षियों का बसेरा मुख्यत: अनुमंडल परिसर,कारा परिसर,पुरानी कोर्ट परिसर, अपर समाहर्ता निवास, डीसीएलआर परिसर, एलआईसी कार्यालय के समीप स्थित वृक्ष एवं परिसदन परिसर बना हुआ है। जानकारों की माने तो ये मेहमान पक्षी सुरक्षा के खयाल से ही सुरक्षित स्थानों पर अपना ठिकाना बनाते हैं।

25 वर्षों से हो रहा शहर में आगमन, जुलाई में देते हैं अंडे

इन पक्षियों का आगमन यहां पिछले 25 वर्षों से लगातार हो रहा है। घोसला का निर्माण नर एवं मादा दोनों मिलकर करते हैं। घोसले का औसत व्यास लगभग एक फुट होता है। उन पक्षियों द्वारा पेड़ के सबसे उंची टहनियों पर घोसला बनाया जाता है। इनका प्रिय भोजन, घोंघा, मछली एवं केकड़ा है। इसलिए इन्हें घोंघिल भी कहा जाता है। जून, जुलाई एवं अगस्त के महीने में वर्षा की अधिकता के कारण आहर, पोखर एवं नदी नालों में घोंघा, मछली एंव केकड़ा पर्याप्त मात्र में मिलते हैं। इनके द्वारा जुलाई महीने में अंडा दिया जाता है। पंद्रह दिन के बाद नई पीढ़ी आती है।

सम्पूर्ण प्रवास में तीन बार अंडा देते हैं प्रवासी

संपूर्ण प्रवास के दौरान इन पक्षियों द्वारा तीन बार अंडा दिया जाता है। इन पक्षियों की अनुमानित औसत रफ्तार 100किमी/ घंटा है। आम तौर पर सरकारी परिसरों में उनके अंडे सुरक्षित रहते हैं। सुबह शाम पक्षियों की चहक से पूरा परिसर व इलाका स्पंदित होता रहता है। इन पक्षियों का प्रस्थान नवंबर के प्रथम सप्ताह से प्रारंभ हो जाता है एंव अंत तक सभी यहां से साइबेरिया के लिए प्रस्थान कर जाते हैं।

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