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प्रस्ताव पारित:केन्द्र सरकार में अलग सहकारिता मंत्रालय बनाने से समाज के कई वर्गों को मिलेगा लाभ

करपीएक महीने पहले
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बिहार प्रदेश सहकार भारती के प्रदेश महामंत्री वैद्य अंकेश कुमार मिश्रा ने केंद्र सरकार के द्वारा सहकारिता क्षेत्र के समग्र विकास हेतु स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय बनाए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि यह मांग पिछले काफी समय से हो रही थी। इस चिर प्रतीक्षित मांग को पूर्ण करने के लिए सहकार भारती प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी का हार्दिक अभिनंदन करती है। सहकार भारती के 27 व 28 फरवरी 2021 को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक दिल्ली में हुई।

जिसमें केन्द्र में पृथक सहकारिता मंत्रालय गठन करने की मांग करने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया था। सहकार भारती का यह मानना रहा है कि समाज का स्थाई विकास करने की सर्वाधिक क्षमता सहकारिता क्षेत्र में ही है। समाज के दलित, शोषित, असमर्थ, निर्धन, दुर्बल, वंचित वर्ग का स्थाई आर्थिक विकास करने का सहकारिता एकमात्र साधन है। सहकारिता इन वर्गों के विकास का अलग प्रकार के स्वामित्व वाला मॉडल है। 97वें संविधान संशोधन द्वारा सहकारिता क्षेत्र में संस्था गठन करने का मौलिक अधिकार प्राप्त हुआ है। इससे सभी क्षेत्रों में सहकारिता के विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है। अंतत: स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की आवश्यकता अनिवार्य बनी हुई थी। सहकारिता से समृद्धि की ओर यह केन्द्र सरकार की सोंच, दृष्टि का सहकार भारती खुले दिल से स्वागत करती है।

सहकार भारती का पूर्ण विश्वास है कि सहकारिता के लिए स्वतंत्र मंत्रालय गठित होने से सहकारिता क्षेत्र का देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान होगा और सहकारिता क्षेत्र देश मे और अधिक समृद्ध होगा। भारत सरकार को बधाई देनेवालों में सहकार भारती बिहार प्रदेश के अध्यक्ष अमिताभ लाल, प्रदेश उपाध्यक्ष केपी रंजन, कमलेश्वर सिंह, संजय राय, अजय शंकर प्रसाद, प्रदेश मंत्री राणा रंजीत, संतोष झा, सीमा सिंह, सौरव सिंह, प्रदेश संगठन प्रमुख डॉ राजेश बरनवाल समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल हैं।

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