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सतर्कता:कालाजार मरीजों काे भी चिह्नित करेगी विभाग की सर्वे टीम

जहानाबाद17 दिन पहले
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  • दोनों ही मामलों में मरीज बुखार से होते हैं पीड़ित, बरसात में बढ़ जाती है कालाजार संक्रमण की संभावना

बरसात में कालाजार की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए जिले में कोरोना संदिग्धों की तलाश के लिए लगाई गई स्वास्थ्य विभाग की टीम बुखार पीड़ित मरीजों की चेकअप करने के लिए डोर टू डोर भ्रमण करेगी। यह सर्वे टीम अब कालाजार रोगियों की भी पहचान करेगी। दरअसल बरसात में जगह-जगह जल जमाव बढ़ने से कालाजार संक्रमण की संभावनाएं बढ़ जाती है। इस बाबत वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा.ब्रज कुमार ने बताया कि दरअसल कोरोना और कालाजार दोनों में प्रारंभिक लक्षण बुखार ही है।

कालाजार का बुखार अधिक दिनों तक रहता है। सर्वे टीम बुखार पीड़ित मरीज मिलने पर उसकी जांच करती है। अगर उसकी रिपोर्ट कोरोना नेगेटिव होती है तो उस संदिग्ध की कालाजार जांच भी की जाती है। इस वर्ष इस तरह सर्वे में कालाजार रोगी की पहचान नही हुई है। धीरे -धीरे जिले में कालाजार के मामले में काफी कमी आई है। इसके अलावा मलेरिया पर भी नियंत्रण पाने में यहां सफलता मिली है। इस वर्ष अब तक मलेरिया के सिर्फ एक या दो रोगी मिले हैं।

मलेरिया के मामले में भी आई है कमी
^मलेरिया के मामले अब जिले में एक -दो ही मिलते है। इस रोग को अब जिला नियंत्रित कर चुका है। चिह्नित पंचायतों में नियमित आवासीय छिड़काव किया जा रहा है। इससे वाहक मच्छर को खत्म करने में मदद मिली है। कोरोना सर्वे टीम कालाजार संदिग्धों की भी जांच कर उसे चिन्हित कर रही है।
डॉ ब्रज कुमार,वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी।

कालाजार रोगी का सिंगल डोज से होता है उपचार, जिले में एक भी सक्रिय स्थल नहीं
कालाजार के प्रति जिले में चिह्नित इलाके में आवासीय छिड़काव और जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। वाहक जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी ने बताया कि जिले में लगातार मामले में गिरावट आ रही है। चिह्नित गांवों में आवासीय छिड़काव किया जाता है। इससे वाहक मक्खी पनपने से रोका जा सकता है। मिट्टी वाले घर और नमी युक्त वातावरण वाहक मच्छर के पनपने के लिए जिम्मेदार है। कालाजार नियंत्रण की दिशा में जिला आगे बढ़ रहा है।

लोगों को सफाई व लक्षण के बारे में दी जाती है जानकारी |जिले में इसके लिए नियमित सर्विलांस अभियान चलाया जा रहा है। चिन्हित गांवों में डोर-डोर संदिग्ध की जांच की जाती है। लोगों को सफाई के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। मामले कम होने के बावजूद विभाग सावधानी बरत रहा है। मालूम हो कि इलाके जहां तीन या चार मामले मिल जाते हैं तो पूरे गांव में संदिग्धों की जांच होती है।

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