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जागरुकता की कमी:जागरुकता के अभाव में बच्चे के जन्म में अंतराल नहीं रख पा रही हैं महिलाएं

जहानाबाद7 दिन पहले
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  • सामुदायिक सहभागिता की कमी से जिले में अपेक्षित सफलता का अभाव

बेहतर प्रजनन स्वास्थ्य एवं जनसंख्या स्थिरीकरण के लिए परिवार नियोजन साधनों की उपयोगिता महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसको लेकर सरकार द्वारा विभिन्न कार्यक्रम भी चलाये जा रहे हैं। लेकिन सरकारी प्रयासों के इतर सामुदायिक सहभागिता भी परिवार नियोजन कार्यक्रमों की सफलता के लिए बेहद जरूरी है। दो बच्चों में अंतराल एवं शादी के बाद पहले बच्चे के जन्म में अंतराल रखने की सोच के बाद भी महिलाएं परिवार नियोजन साधनों का इस्तेमाल नहीं कर पाती है। जिसे चिकित्सीय भाषा में ‘अनमेट नीड’ में वृद्धि होती है।

जो आज के दौर में परिवार नियोजन के लिए सबसे बड़ी बाधा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार विकासशील महिलाएं अनचाहे गर्भ से छुटकारा पाना चाहती हैं लेकिन तब भी उनके द्वारा किसी गर्भनिरोधक साधन का उपयोग नहीं किया जाता है। इसके पीछे आम लोगों में परिवार नियोजन साधनों के प्रति जागरूकता का आभाव प्रदर्शित होता है। कुल मिलाकर जागरूकता के अभाव में जिले में परिवार नियोजन अभियान अपने अपेक्षित लक्ष्य को हासिल करने में पूरी तरह से सफल नहीं हो पाया है।बीते कुछ वर्षों में जनसंख्या नियंत्रण के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम की सफलता धरातल पर दिखने लगी है।

कार्यक्रम की सफलता को सहभागिता जरूरी
सदर अस्पताल के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बीके झा ने बताया, अनमेट नीड परिवार नियोजन में काफी बाधक है। इसके लिए जिला स्तर से लेकर सामुदायिक स्तर तक परिवार नियोजन साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की गयी है। इसके लिए सामूहिक सहभागिता की जरूरत है। जिसमें अन्य सहयोगी संस्थाओं द्वारा भी सहयोग किया जा रहा है। वहीं, राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार जिले की 15 से 49 वर्ष तक की महिलाओं में कुल 9.1 प्रतिशत अनमेट नीड है।

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