नामांकन:88% से अधिक अनामांकित बच्चों का कराया गया नामांकन

जहानाबाद6 महीने पहले
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जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में बच्चों का नामांकन अभियान कोरोना संक्रमण के चलते ठप पड़ गया है। हालांकि जिले में 88 प्रतिशत ऐसे बच्चों का स्कूलों में नामांकन कोरोना के दूसरी लहर आने के पहले विशेष अभियान के तहत पूरा कर लिया गया है। जिन स्कूलों में शिक्षक या कर्मी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं या जिन इलाकों में इसका प्रभाव हैं, वहां तो बच्चों का नामांकन पूरी तरह ठप है। शेष जगहों पर भी आलम यह है कि न तो किसी स्कूल में कोई अभिभावक अपने बच्चों का एडमिशन लेने पहुंच रहे हैं और न ही शिक्षक अनामांकित बच्चों को खोजने टोले-मुहल्ले, गांव-पंचायत में निकल पा रहे हैं। कोरोना के खौफ का आलम यह है कि स्कूलों में नामांकन को लेकर शिक्षा विभाग के आदेश का अनुपालन र जिले में नहीं हुआ है।

नामांकन के नोडल बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से नामांकन को लेकर रिपोर्ट की मांग की थी। 26 अप्रैल तक हर हाल में जिला को यह प्रमाण पत्र देने को कहा गया था कि उनके जिले में 6 साल का एक भी बच्चा अनामांकित नहीं बचा है। पर, सोमवार की शाम तक बीईपी को जिले से यह रिपोर्ट नहीं आई थी। 5 अप्रैल को बीईपी के राज्य परियोजना निदेशक संजय सिंह ने डीईओ को पत्र भेजकर यह निर्देश दिया था। उनसे पहली कक्षा में अपेक्षा के अनुरूप नामांकन नहीं हो पाने के कारण आगे भी नामांकन कराने को कहा गया था।

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