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पहल:कोविड सेंटरों में मरीजों के लिए व्यायाम व योग की सुविधा हाेगी उपलब्ध

जहानाबादएक महीने पहले
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  • सदर अस्पताल स्थित जीएनएम केन्द्र में फिजियोथेरेपिस्ट की हुई प्रतिनियुक्ति, आज से शुरू होगा मरीजों का इलाज

कोरोना संक्रमित मरीजों को शीघ्र उबारने के लिए जिला प्रशासन अब कोविड सेंटरों पर यहां व्यायाम व योग की सुविधा उपलब्ध कराएगा। जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि कोविड संक्रमण का व्यापक प्रभाव फेफड़ों पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों का मानना है कि योग व व्यायाम से फेफड़े में ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा प्राकृतिक तरीके से पहुंचकर संक्रमण के प्रभाव को काफी हद तक कम करने में प्रभावी तरीके से मदद करता है। अंग्रेजी दवाओं से इलाज के अतिरिक्त व्यायाम व योग का शरीर पर काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों ने उन्हें केन्द्रों पर व्यायाम व योग की व्यवस्था कराने की सलाह दी है। दरअसल व्यायाम से शरीर के सभी आर्गेन सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में अब यहां के कोविड सेंटरों पर योग व व्यायाम के लिए फिलहाल दो विशेष फिजियोथेरेपिस्ट की प्रतिनियुक्ति की गई है। आगे संख्या के अनुरूप और फिजियो की प्रतिनियुक्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रतिनियुक्त किए गए विशेषज्ञ वहां भर्ती मरीजों को प्रतिदिन दिन में कम से कम दो बार फेफड़ों व रक्तशोधन का व्यायाम कराएंगे।

फेफड़ा में संक्रमण की वजह से ही महसूस होती है काफी कमजोरी
डीएम ने बताया कि विशेषकर दूसरे गंभीर रोगों से ग्रसित लोग यदि कोविड संक्रमित हो जाएं तो यह उनके लिए जोखिम भरा है। कोविड संक्रमित रोगी फेफड़े की संक्रमण की वजह से ही काफी कमजोरी महसूस करता है। शारीरिक रूप से कमजोरी का प्रभाव मन मस्तिष्क पर पड़ता है और इस वजह से यह और अधिक कष्टदायक होता है। फेफड़ों और अन्य अंगों को वायरस से होने वाले नुकसान के कारण शरीर को नई ऊर्जा बटोरने में काफी समय लगता है। इसलिए कोरोना संक्रमण के बाद कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है।

गुब्बारे की मदद से छाती का व्यायाम
छाती से जुड़े व्यायाम में गुब्बारा फुलाने को अच्छा व्यायाम माना गया है। निश्चित संख्या में गुब्बारों को फुला कर यहां संक्रमित मरीजों को यह व्यायाम कराया जाएगा। दरअसल गुब्बारा फुलाने से पसलियों के बीच की मांसपेशियां सक्रिय होती है। इससे फेफड़ों को सांस लेने में ऑक्सीजन भीतर लेने और कॉर्बन डाइऑक्साइड छोड़ने में सक्षम बनाता है। व्यायाम के दौरान अधिक से अधिक शरीर को ऑक्सीजन मिलती है। यदि किसी मरीज को व्यायाम के कारण छाती में जकड़न, चक्कर आना, सिर भारी होना, सांस लेने में तकलीफ या मितली आना आदि हो तो तुरंत चिकित्सीय परामर्श दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना की गंभीर बीमारी के बाद उससे उबरने का एक अहम हिस्सा व्यायाम है। अन्य दवाओं से कहीं अधिक व्यायाम संक्रमितों के फिटनेस में सुधार और मांसपेशियों की ताकत बढ़ा सकता है। जानकारों का मानना है कि व्यायाम से संतुलन और समन्वय में सुधार लाते हुए सोच को सकारात्मक कर तनाव करने में मदद मिलती है और आत्मविश्वास मजबूत रहता है।

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