नाराजगी:खाद के लिए रातभर दुकानों के आगे लाइन लगा रहे किसान और सरकार को नहीं है इसकी चिंता

जहानाबादएक महीने पहले
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  • सरकार किसानों की समस्या पर नहीं दे रही है ध्यान इसके लिए करना होगा जोरदार आंदोलन

खाद की किल्लत को लेकर अरवल मुख्यालय में एनएच 139 और एनएच 110 को जाम कर भाकपा-माले, किसान महासभा के बैनर तले किसानों ने सरकार विरोधी नारा लगाया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व भाकपा-माले के अरवल विधायक महानंद सिंह, जिला सचिव जितेंद्र यादव, उपेंद्र पासवान, रामकुमार वर्मा, शोएब आलम, त्रिभुवन शर्मा समेत दर्जनों नेता कर रहे थे। चक्का जाम कर रहे लोगों द्वारा एक सभा का भी आयोजन किया गया। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा माले के विधायक महानंद सिंह ने कहा कि सदन में सरकार ने 3 दिन पहले कहा था कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है। लेकिन अरवल में किसान रात को ही खाद के लिए कतार में लग रहे है। ठंड में ठिठुरते हुए खाद के लिए परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा सरकार हर मामले में फेल है। सरकार के सहयोगी दल भाजपा विकास के कामों में हर जगह अड़ंगा लगाने में लगा हुआ है। समाज में उकसा कर तनाव पैदा करने के फिराक में रहता है। उन्होंने कहा कि विकास के मामले को लेकर उनको परेशानी होती है। किसान पंक्ति बंद होकर परेशान होते हैं। तो भाजपा वालों को मजा आता है। आज किसान परेशान हैं। भाजपा वाले लोग किसानों की जो बात करने वाले लोग हैं।वे चुप चुप हैं। इसलिए हम यहां आम किसानों से अपील करना चाहते हैं कि किसानों की समस्या का समाधान के लिए उठने वाली आवाज को साथ दें।

विधानसभा में झूठ बोलती है सरकार बिहार के किसानों को कर रही गुमराह

सरकार जनता की समस्याओं को समाधान करने के मामले में सीरियस नहीं दिखती है। किसानों को गेहूं और रबी की बुआई करना है। लेकिन डीएपी, यूरिया खाद की किल्लत से उनकी बुवाई का समय समाप्त होने जा रहा है। लेकिन सरकार इस समस्या का समाधान करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। पिछले साल खरीफ फसल के समय खाद की किल्लत को लॉक डाउन का बहाना बनाकर जनता को गुमराह करने का काम किया गया था।लेकिन अब सरकार क्या कर रही है। किसानों की समस्या समाधान करने को तत्पर होना चाहिए। लेकिन सरकार निष्क्रिय है। किसान परेशान हैं।माफिया मालामाल हो रहे हैं। भ्रष्ट अफसर लूटने में मशगूल हैं। ऐसी स्थिति में जोरदार आंदोलन करना ही पड़ेगा।

स्वास्थ्य विभाग के कारनामे से एकबार फिर बदनाम हुआ है अरवल का नाम

अरवल में जो यहां के सीएस एवं अन्य स्वास्थ्य पदाधिकारी जिला स्वास्थ्य व्यवस्था को चरमरा के रख दिया है। पूरे दुनिया में वैक्सीनेशन के फर्जी डाटा से अरवल को एक बार फिर काले अक्षरों में लिखवाने का काम किया है। यह लोग जनता के प्रति जवाबदेह कम, नवाब ज्यादा ज्यादा बनते हैं।उन्होंने कहा कि हमने छोटी अवधि वाली शीतकालीन सत्र में अरवल की जनता की समस्याओं को बखूबी उठाने का काम किया है। बिजली, पानी, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षकों का मामला, बालू का मामला, किसी भी क्षेत्र के समस्याओं को सरकार के लिए सदन के पटल पर रखने का काम किया है।लेकिन सरकार के नुमाइंदे इसे समाधान करना नहीं चाहते हैं। उल्टा- पुल्टा जवाब देते हैं।

सुंदर अरवल बनाने में कुछ लोग लगा रहे हैं अड़ंगा

अरवल को अभी बेहतरीन शहर बनाना है। अरवल को हर तरह के विकास के लिए आए योजनाओं को रुकवाने में कुछ लोग लगे हुए हैं ताकि अरवल का चौमुखी विकास न हो। यह बहुत ही शर्मनाक और अरवल के विकास के लिए घातक है। यहां के न्याय पसंद जनता और नौजवानों को अपने भविष्य के बारे में ठंडे दिमाग से सोचने की जरूरत है। निर्माण कार्य के लिए बाधक बन रहे हैं। उनसे भी मेरी विनती है कि ठंडे दिमाग से सोचें और नौजवानों के भविष्य के बारे में ज्यादा विचार करें।

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