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परेशानी:एक सप्ताह से न तो पैक्सों में खाद है और न ही दुकानों में, मारे-मारे फिर रहे किसान

जहानाबाद4 दिन पहले
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  • किसी तरह धनरोपनी तो हो गयी, पर अब फसल बचाने के लिए किसान कर रहे हैं माथापच्ची

जिले में यूरिया खाद की किल्लत लगातार बरकरार है। इस साल अपेक्षाकृत अच्छी फसल के बावजूद खाद की कमी किसानो को परेशान कर रहा है। यूरिया के लिए किसान सुबह से शाम तक शहर से लेकर गांव तक के दुकानों की खाक छान रहे हैं लेकिन ऐन मौके पर उन्हें जरूरत के अनुरूप खाद नही मिल रहा है। पैक्सों से लेकर बिस्कोमान एवं शहर के दुकानदार स्टॉक खत्म होने का जवाब दे किसानों को खाली हाथ लौटा दे रहे हैं। ऐसे में खेती के जानकारों का मानना है कि वक्त पर पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं मिलने से जिले में धान के उत्पादन पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

भास्कर के टीम रविवार को यूरिया के पड़ताल करने निकली तो शहर के स्टेशन एरिया स्थित कृषि दर्शन दुकान, राजा बाजार के शुभम खाद दुकान, राजा बाजार छिलका का स्थित दुकान एवं शकूराबाद स्थित खाद दुकान मे दुकानदार ग्राहकों को यूरिया खत्म होने के बात कह लौटा रहे थे। इधर बिस्कोमान के गोदाम पर भी ताला लटका था। कई जगहों पर पैक्स अध्यक्ष भी आवंटन का अभाव बता गोदाम बंद कर रखे थे। यूरिया के लिए चक्कर लगा रहे अमैन के राम लड्डू शर्मा, सरवन कुमार, सरेया के नागेंद्र सिंह, रतनी के विमलेश सिंह, मोकर के श्याम किशोर शर्मा ने बताया कि बाढ़ के पानी से बची धान की फसल खाद से बेहतर हो सकता है लेकिन जब खाद देने की बारी आई तो उन लोगों को खाद के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। खाद समय पर नहीं पड़ा तो उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

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