पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

जीर्णोद्धार:प्रशासनिक पदाधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने नहीं सुनी तो ग्रामीणों ने की पुल की मरम्म्त

कलेरएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक

व्यवस्था से निराश ग्रामीणों ने आखिरकार खुद की परेशानी को हल अपने बूते ही निकाल लिया। जिसमें आगे आए रामनाथ राय के सहयोग से आवागमन चालू करने के लिए वर्षों पूर्व ध्वस्त हो चुके कलेर सोन नहर लोहा पुल को मरम्मत कर चलने लायक बनाया जा रहा है। यहां बताते चले कि ब्रिटिश हुकूमत के दौरान सोन नहर पर बनाए गए लोहे की पुल जिसमें लकड़ी का प्रयोग किया गया था। वह ध्वस्त हो चुका था। ग्रामीणों के आवागमन हेतु पुल का वास्ता देकर दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से पिछले नवंबर में खबर छापी थी।

ग्रामीणों ने पत्र के माध्यम से जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुल पर ध्यान आकृष्ट कराया था और मांग किया था कि इस पुल को जीर्णोद्धार किया जाए। किंतु शासन प्रशासन का ध्यान इस जगह पर नहीं गया तथा जनप्रतिनिधि भी इसकी खोज खबर नहीं किया। इस मामले में कलेर एवं अन्य गांव के ग्रामीणों ने लिखित रूप से जनप्रतिनिधि से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार गुहार लगाया। लेकिन व्यवस्था सोई रही। आखिरकार रामनाथ राय सामाजिक कार्यकर्ता अपने निजी पैसे से पुल का जीर्णोद्धार कराने के लिए ठान लिया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि लगभग एक लाख रुपए से की लागत से पुल का पूर्ण तरह से जीर्णोद्धार हो जाएगा।

ब्रिटिश हुकूमत द्वारा बनाई गई इस पुल के जीर्णोद्धार हो जाने से प्रताप नगर एवं कलेर के लोगों को आवागमन करने में सुविधा होगी। वही कलेर वासियों को राष्ट्रीय राजमार्ग तक पहुंचने के लिए दूरी कम हो जाएगी। क्योंकि भौगोलिक स्थिति के अनुसार उतरी कलेर पंचायत के कुछ भाग नहर के दोनों तरफ पड़ता है। जिस कारण आवागमन करने में असुविधा होती थी। वहीं खतरनाक ढंग से टूटे पुल के सहारे जैसे तैसे लोग पार करने से बाज नहीं आते थे। जिस कारण यहां पर खतरा से इंकार नहीं किया जा सकता था।

खबरें और भी हैं...