जानिए, 14 करोड़ की डकैती के मास्टरमाइंड को:ऐश-मौज के लिए कम पड़ गए पैसे तो दोस्तों के साथ मिलकर रिश्तेदार के यहां डाल दिया डाका

जहानाबाद4 महीने पहले
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21 जनवरी को पटना के अति व्यस्त बाकरगंज इलाके के SS ज्वेलर्स से दिनदहाड़े 14 करोड़ की डकैती मामले का मास्टरमाइंड जहानाबाद का युवक नितेश कुमार निकला। इस डकैती ने बिहार सरकार की कानून व्यवस्था की पोल खोल दी थी। घटना को लेकर पटना सहित जहानाबाद में भी स्वर्ण व्यवसायियों ने अपनी दुकानें बंद रखकर विरोध जताया, लेकिन जैसे ही मामला खुला और इसमें शहर के निचली रोड स्थित राजलक्ष्मी ज्वेलर्स के मालिक रंजीत कुमार के बेटे नितेश का नाम आया, सभी सन्न रह गए। इतने कम उम्र के लड़के के बिहार की सबसे बड़ी डकैती के मास्टरमाइंड होने पर लोग हैरत में आ गए।

अब गोपालगंज में ज्वेलरी शॉप से 60 लाख की लूट

नितेश के परिवार को जानने वालों का कहना है कि उसे बीते साल 2021 में ही मैट्रिक का एग्जाम देना था, लेकिन नहीं दिया। परिवार में उसके मां-बाप के अलावा एक बहन है। स्मैक और शराब की लत में उसने उसी दुकान में डाका डालने का प्लान तैयार कर दिया, जिससे उसके पिता रंजीत कुमार अपनी दुकान राजलक्ष्मी ज्वेलर्स के लिए ज्वेलरी लिया करते थे। दोनों दुकानदार आपस में रिश्तेदार भी हैं। बहुत कम उम्र में ही नितेश को लगी नशे की लत ने उसे पहले से ही छोटी-मोटी चोरी-चकारी करने पर मजबूर कर दिया था।

बिहार की सबसे बड़ी डकैती के मास्टरमाइंड के तौर पर नितेश का नाम आने से जहानाबाद के स्वर्ण व्यवसायी भी सन्न रह गए।
बिहार की सबसे बड़ी डकैती के मास्टरमाइंड के तौर पर नितेश का नाम आने से जहानाबाद के स्वर्ण व्यवसायी भी सन्न रह गए।

नशे की लत और चोरी की आदत से बना डकैती का प्लान

नितेश ने चोरी-चकारी की शुरुआत सबसे पहले अपने घर से की। फिर अपनी ही दुकान को निशाना बनाने लगा। इस वजह से उसे पिता से बहुत डांट-फटकार भी सुननी पड़ती थी, लेकिन नशे का लती नितेश अब अपराधियों की संगत में भी आ गया था। उनके साथ उसे झारखंड-बंगाल जाकर ऐश-मौज करने की आदत भी लग गई थी। चोरी के रुपए से वह महंगे कपड़े पहनने लगा था। अपराधी साथियों ने उसे लग्जरी गाड़ियों का शौकीन बना दिया।

नितेश को लग गया था महंगे कपड़े पहनने का शौक।
नितेश को लग गया था महंगे कपड़े पहनने का शौक।

इन शौकों को पूरा करने के लिए ही नितेश ने SS ज्वेलर्स में डाका डालने का प्लान तैयार बनाया। इसके लिए उसने अपने दोस्त राजेश राम उर्फ साधु का सहारा लिया। साधु ने अपने दोस्त राजू केवट को प्लान में शामिल किया। डकैती का प्लान बनाते वक्त जब इन तीनों को लगा कि यह काम बड़ा है और इसमें कुछ लोगों की जरूरत है। तब राजू केवट ने अपना पत्ता खोला।

नितेश के पिता की दुकान।
नितेश के पिता की दुकान।

वह साल 2019 में आपराधिक मामले में पटना के बेऊर जेल में बंद था। जेल में ही उसकी दोस्ती पटना के आकाश उर्फ सन्नी से हुई थी। आकाश नाबालिग था तब से ही बाइक चोरी करने लगा था। इसी क्रम में वो अलग-अलग टाइम पर गिरफ्तार हुआ और बेऊर, मसौढ़ी व जहानाबाद जेल में रहा।

फिर इन सबकी मुलाकात हुई और डकैती के प्लान को फाइनल टच दिया गया। दुकान की रेकी से लेकर, डकैती, वहां से भागने के रूट, सोना और कैश छिपाने के ठिकाने तक पहले से ही तय किए गए।

डकैतों की जानकारी देती पुलिस।
डकैतों की जानकारी देती पुलिस।
डकैती में संलिप्त अपराधियों के पास से बरामद सोना।
डकैती में संलिप्त अपराधियों के पास से बरामद सोना।
बरामद बाइक व लग्जरी गाड़ी।
बरामद बाइक व लग्जरी गाड़ी।

यहां पढ़िए, SS ज्वेलर्स में 14 करोड़ की डकैती की INSIDE STORY

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रिपोर्ट: पंकज कुमार

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