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कार्रवाई:लॉकडाउन में शराब तस्करों की चांदी, थम सी गई है पुलिसिया कार्रवाई

जहानाबाद24 दिन पहले
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एक ओर पड़ोसी जिले अरवल में अक्सर शराब धंधेबाजों की कमर तोड़ने की कार्रवाई जारी है तो दूसरी ओर यहां कोरोना की आपदा में हर कोई अपने अवसर की तलाश में जुटा है। आपदा को अवसर में बदलने में शराब माफिया और तस्कर ने सभी को पीछे छोड़ दिया है। शहरी इलाके में तो शराब माफियाओं के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई लगभग थम सी गई है। इसका फायदा उठाते हुए शराब तस्कर धड़ल्ले से शराब की बिक्री करने में जुटे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लॉक डाउन के नाम पर धंधेबाज शराब की मनमाना कीमत वसूल रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान देखा जाए तो नगर थाने की पुलिस शराब की रिकवरी या फिर धंधेबाजों को पकड़ने में कोई सफलता हासिल नहीं की है। यूं कहें कि इस दौरान शराब माफिया की धरपकड़ और शराब के अड्डों पर छापेमारी न के बराबर हुई है। कमोबेश यही हालात ग्रामीण इलाके की भी है। ग्रामीण इलाके में देसी शराब धड़ल्ले से बेची जा रही है। हालांकि कभी-कभी इन अड्डों पर पुलिस दस्तक दे रही है, लेकिन नियमित रूप से कार्रवाई नहीं होने के कारण लॉकडाउन में यह धंधा तेजी से फल फूल रहा है।

पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में शराब की खेप पहुंच रही जिले में
दरअसल, लॉकडाउन के पहले शराब के धंधे को नेस्तनाबूद करने के लिए उत्पाद विभाग व एंटी लिकर टास्क फोर्स की टीम के अलावा अलग-अलग थाने की पुलिस शराब के अड्डों पर लगातार छापेमारी कर रही थी। लगभग हर रोज बड़ी मात्रा में जावा महुआ नष्ट करने के साथ-साथ निर्मित शराब भी जब्त की जा रही थी। इसके अलावा समय-समय पर अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप जब्त हो रही थी।

लेकिन लॉकडाउन में पुलिसिया कार्रवाई थम जाने के कारण लगभग एक महीने से पुलिस को कोई बड़ी सफलता हाथ नहीं लगी है। जानकार बताते हैं कि लॉकडाउन में भी पड़ोसी राज्यों से बड़ी मात्रा में शराब की खेप जिले में पहुंच रही है और फिर उसे अलग-अलग इलाके में वितरित किया जा रहा है।

पुलिस की व्यस्तता का फायदा उठाते हुए शराब तस्कर इस मौके को भुनाने में जुटे हैं। नगर थाना क्षेत्र के इरकी और बभना महादलित टोला में इसकी बानगी देखी जा सकती है। इसके अलावा शहर में और भी कई धंधेबाजों के लगातार सक्रिय रहने की सूचना सामने आ रही है। बहरहाल, मामला चाहे जो भी हो लेकिन शराबबंदी के प्रति पुलिस की थोड़ी सी सुस्ती शराब माफियाओं को एक बड़ा अवसर प्रदान कर रही है। पुलिस के इस शिथिल रवैये पर लोग अब सवाल भी खड़ा करने लगे हैं।

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