पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

आस्था:चातुर्मास के समापन के साथ ही शुरू हो गया मांगलिक कार्य

जहानाबाद2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • क्षीर सागर में चार महीने की योग निद्रा के बाद भगवान विष्णु कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष एकादशी को जागे थे

चातुर्मास का मंगलवार को समापन हो गया। बुधवार से मांगलिक कार्य शुरू हो गया। चार माह तक चिरनिद्रा में सोने वाले भगवान विष्णु बुधवार को एकादशी तिथि से जग गए। चातुर्मास श्रावण से दसवीं कार्तिक तक सिर्फ देवी देवताओं की पूजा एवं जप तप ही होता है। कोई लग्न एवं शुभ कार्य नहीं होते हैं। पौराणिक कथा काली मंदिर के मुख्य पुजारी जनमेजय मिश्र ने बताया कि शास्त्रों में अंकित है कि क्षीर सागर में चार महीने की योग निद्रा के बाद भगवान विष्णु कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष एकादशी को जगेंगे। इसके अगले दिन से हिंदू धर्म में विवाह, गृह-प्रवेश, उपनयन संस्कार आदि सहित कई मांगलिक कार्य प्रारंभ हो गया। इसके साथ ही लंबे अरसे के बाद एक बार फिर से मांगलिक कार्यों को लेकर शादी वाले घरों में शहनाई गूंजने लगी।

दरअसल इस साल लॉकडाउन की वजह से गर्मी के दिन में घरों में अधिकांश शादियों को स्थगित या रद्द कर दिया गया था। साथ ही भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा एक साथ होगी। इससे पूर्व दिवाली के दिन केवल मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। चूंकि तब भगवान विष्णु निद्रा में होते है। इसे देवोत्थान एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे देव दिवाली भी कहते हैं। इस दिन भगवान विष्णु के शालीग्राम रूप में तुलसी के साथ विवाह हुआ था। इधर जेठान को लेकर मंगलवार की शाम से ही बाजारों में ईख की भी जबरदस्त बिक्री होती रही।

आज ही के दिन भगवान विष्णु को वृंदा की शाप से मिली थी मुक्ति : एक पौराणिक कथा है। इसमें बताया गया है कि भगवान विष्णु और जालंधर नामक राक्षस के बीच युद्ध चल रहा था। युद्ध भयंकर चल रहा था। तब भगवान ने वृंदा के साथ छल कर जालंधर को हरा दिया था। जब वृंदा को छल का पता चला तो उसने भगवान विष्णु को शाप दे दिया था। शाप से भगवान पत्थर हो गए थे। इसके बाद माता लक्ष्मी ने वृंदा से विनती की। जिस पर वृंदा भगवान को पत्थर से मुक्त कर सती हो गई थी। इसके बाद उस राख से तुलसी के पौधे का जन्म हुआ।

असाढ़ पूर्णिमा को देवोत्थान एकादशी को भगवान विष्णु शयन के बाद वापस लौटे
धर्मशास्त्रों के अनुसार दैत्य और भगवान विष्णु के बीच घोर युद्ध चल रहा था। तब भाद्रपद मास की एकादशी तिथि को उन्होंने संखासुर को मार गिराया था। युद्ध में थक जाने के कारण भगवान विष्णु क्षीर सागर में जाकर सो गए थे। जो चार माह बाद कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जगे थे। इसे प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है। भगवान विष्णु के जगने पर सभी देवताओं ने मिलकर भगवान की पूजा की थी।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- आज का अधिकतर समय परिवार के साथ आराम तथा मनोरंजन में व्यतीत होगा और काफी समस्याएं हल होने से घर का माहौल पॉजिटिव रहेगा। व्यक्तिगत तथा व्यवसायिक संबंधी कुछ महत्वपूर्ण योजनाएं भी बनेगी। आर्थिक द...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser