व्यवस्था / मध्याह्न भोजन का अनाज का प्रवासियों के खाने में होगा उपयोग

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  • शिक्षा विभाग ने बढ़ी जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया फैसला

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

जहानाबाद. जिला प्रशासन ने निर्णय लिया है कि जिले के प्रारंभिक स्कूलों में बच्चों के मध्याह्न भोजन के लिए भंडारित अनाज से प्रवासियों का खाना बनेगा। जिन स्कूलों में क्वारेंटाइन सेंटर बने हैं, अगर वहां अनाज कम पड़े तो उस प्रखंड के दूसरे विद्यालयों में भंडारित अनाज का भी उपयोग किया जा सकता है। दरअसल इस संबंध में शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव आरके महाजन ने जिलाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस आशय का निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि जिले के स्कूलों में क्वारेंटाइन सेंटर बने हैं और वहां बड़ी संख्या में प्रवासियों को रखा गया है। ऐसे में उनके खाने के लिए भारी पैमाने पर अनाज की जरूरत पड़ रही है। शुक्रवार को डीएम को भेजे आदेश में श्री महाजन ने कहा कि जिले में संचालित क्वारेंटाइन सेंटर पर विद्यालय में जमा अनाज का उपयोग किया जा सकता है। जरूरी हो तो प्रखंड के दूसरे स्कूलों से भी जमा अनाज लाकर भोजन बनाया जा सकता है।

विद्यालय संचालन प्रारंभ होने पर क्वारेंटाइन सेंटर पर विद्यालयों से लेकर उपयोग किए गए अनाज की प्रतिपूर्ति जिला प्रशासन द्वारा विद्यालय को की जाएगी। डीपीओ एमडीएम का यह दायित्व होगा कि प्रत्येक विद्यालय से क्वारेंटाइन सेंटर पर उपलब्ध कराए गए अनाज की प्राप्ति रसीद प्राप्त कर कार्यालय में सुरक्षित रखेंगे। विद्यालय का संचालन आरंभ होने पर क्वारेंटाइन सेंटर पर उपलब्ध करायी गयी खाद्यान्न की मात्रा के समान अनाज जिला प्रशासन से प्राप्त कर स्कूल में एमडीएम का संचालन आरंभ करायेंगे।
अनाज का किया जा चुका है आवंटन 
विभागीय अधिकारी ने कहा है कि सभी स्कूलों में कोविद-19 के संक्रमण से बचाव के लिए लागू देशव्यापी लॉकडाउन के पूर्व चतुर्थ त्रैमास 2019-20 का खाद्यान्न आवंटन सभी जिलों में एमडीएम संचालित करने के लिए किया जा चुका था। वर्तमान में लॉकडाउन के कारण सभी स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना का संचालन बंद है। इसकी समतुल्य राशि बच्चों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है। विभाग के आदेश के बाद जिले में इस पर अमल शुरू करने की तैयारी चल रही है।

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