बैठक / बरसात के पूर्व रोजगार को बढ़ावा देने को पूरा जोर लगाने की जरूरत

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  • जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को बैठक कर दी जरूरी हिदायत

दैनिक भास्कर

May 24, 2020, 05:00 AM IST

जहानाबाद. डीएम नवीन कुमार ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बरसात आने के पूर्व विकास कार्यों को और तेज गति दें ताकि लॉकडाउन में बाधित हुए विकास कार्यों को जहां फिर से गति दी जा सके वहीं बेरोजगार हुए मजदूरों को आफत के समय में अधिक से अधिक काम दिलाया जा सके। डीएम ने अधिकारियों के साथ बैठक में कहा कि जिले में विकास की गाड़ी को पटरी पर लाना व मजदूरों को अधिक से अधिक रोजगार दिलाना ही असली व स्थाई विकल्प है।

इसके लिए अधिकारियों को अगले एक डेढ़ महीनों तक कार्य गति को और तेज करने के लिए हर जरूरी कदम उठाने हाेंगे।  उन्होने बताया कि जिले में पहले से ही रोजगार परक विकास कार्यों को शुरू किया गया है जिसमें अब तक तीस हजार से अधिक मजदूरों को काम मिल चुका है। इसी कड़ी में जिले में चल रहे विभिन्न योजनाओं यथा मनरेगा, लघु सिचाई, भवन प्रमंडल, पथ निर्माण, ग्रामीण कार्य विभाग, मायनिंग, ईट भट्ठा उद्योग, पीएचईडी, मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी उद्योग सहित अन्य उद्योगों व योजनाओं में इन श्रमिकों को लगाया जा रहा है।

मनरेगा योजना के तहत वर्तमान में विभिन्न प्रखंडों में 838 योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इन योजनाओं में अबतक लगभग 30 हजार श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत 292 आहर, पईन, तालाब की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। अब तक कुल 1715 जॉब कार्ड निर्गत किया गया है। साथ हीं जिले में आये अप्रवासी मजदूरों तथा अन्य व्यक्तियों को काम मुहैया कराया जा रहा है। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री आवास योजना के कुल 2446 लाभुकों को मनरेगा के तहत अनुमान्य दिनों का मानव दिवस सृजन का लाभ दिया जा रहा है।
प्रवासी मजदूरों की स्किल मैपिंग के काम में तेजी 
 जिले में श्रमिकों की समस्या एवं उन्हें रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन लोगो को रोजगार देने के प्रयास को बल दे रहा है। राज्य के बाहर से आये प्रवासी मजदूरों एवं अन्य व्यक्तियों को रोजगार देने हेतु लगातार विचार विमर्श कर उपाए ढूंढे जा रहे हैं। जिला जन संपर्क पदाधिकारी ने बताया कि उद्योग विभाग तथा श्रम संसाधन विभाग द्वारा जिले के क्वारेंटाइन कैम्पस में जाकर बाहर से आये प्रवासी श्रमिकों एवं अन्य व्यक्तियों का स्किल मैपिंग का कार्य तेज कर दिया गया है।

सैकड़ों मजदूर ऐसे हैं, जो विभिन्न कार्यो मसलन नील फैक्ट्री, बैंडेज, रेडिमेट गार्मेंटस फैक्ट्री, इम्ब्रोडरी एवं जड़ी की कढाई, टेलरिंग उद्योग, पत्ता प्लेट उद्योग, मच्छरदानी उद्योग, बिजली तार, चमड़े का जूता-चप्पल, मुर्गी दाना, हेचरी इत्यादि के काम जानते हैं। उनके सहयोग से जिले का तथा संबंधित श्रमिकों व व्यक्तियों का आर्थिक विकास हो सकता है।

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