स्वास्थ्य सुविधा:अब प्रारंभिक अवस्था में ही दिव्यांगता की होगी पहचान

जहानाबाद9 महीने पहले
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अब दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में ही पहचान की जाएगी। अबतक स्वास्थ्य विभाग ही दिव्यांग बच्चों की पहचान में सहयोग कर रही थी। लेकिन अब स्वास्थ्य विभाग के साथ आईसीडीएस भी दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान करने का कार्य करेगी।

इसको लेकर आईसीडीएस के सहायक निदेशक ने जिले के आईसीडीएस जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रश्मि सिंह को पत्र लिखकर इस संबंध में विस्तार से दिशा निर्देश दिया है। पत्र में कहा गया है कि बाल विकास पदाधिकारी को चिन्हित दिव्यांगों का पूरा ब्योरा प्रपत्र में भरकर देना होगा। जिसमें जिला का नाम, परियोजना का नाम, दिव्यांग का नाम, उसके माता एवं पिता का नाम एवं दिव्यांगता के प्रकार की जानकारी देनी होगी।

जिला प्रारंभिक पहचान केंद्र को देनी होगी सूचना
जिले में दिव्यांग बच्चों का ब्योरा रखना जिला प्रारंभिक पहचान केंद्र (डीआईएसी) की जिम्मेदारी होती है। अब आंगनबाड़ी सेविकाएं दिव्यांग बच्चों की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर जिला प्रारंभिक पहचान केंद्र को जानकारी देगी। पत्र के माध्यम से बताया गया है कि बाल विकास पदाधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि चिन्हित दिव्यांग बच्चों का ब्योरा डीआईएसी को समय से उपलब्ध हो पाए।

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