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अभियान:बच्चों को दिए जा रहे ओआरएस के पॉकेट व जिंक के टैबलेट्स

जहानाबाद3 दिन पहले
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  • आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घूमकर चला रहीं अभियान

मौसम के बिगड़ते मिजाज से बच्चे डायरिया से पीड़ित होने लगे हैं। बीमार होने वालों में ग्रामीण क्षेत्र के ज्यादा बच्चे शामिल रह रहे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन दिनों सघन दस्त नियंत्रण पखवारा चलाया जा रहा है। इस दौरान बच्चों को ओआरएस के पैकेट और जिंक टैबलेट भी दिए जा रहे हैं। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सदर अस्पताल में इन दिनों मौसमी बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या में वृद्धि हुई है। वह सर्दी, खांसी, बुखार, बदन व सिर दर्द से पीड़ित रह रहे हैं। जब बुखार व खांसी से राहत मिल रही है, तो वह शरीर से कमजोर महसूस करने लगे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चलाए जा रहे दस्त नियंत्रण पखवारे का असर अब गांवों में दिखने लगा है।

डायरिया की वजह से शिशु एवं बाल मृत्यु दर में कमी लाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं ने अभियान की कमान संभाल ली है। इस दौरान पांच वर्ष तक की आयु वाले बच्चों के घरों को लक्ष्य करते हुए जिंक की गोली व ओरआरएस के पैकेट का वितरण किया जा रहा है। आशा कार्यकर्ताओं के साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम भी गांवों में पहुंचकर डायरिया से बचाव की जानकारी दे रही है।डीआईओ डॉ विनोद कुमार ने बताया कि जिंक और ओआरएस के उपयोग के बाद भी यदि डायरिया से पीड़ित बच्चा ठीक न हो तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं। डायरिया फैलने से बचने से रोकने के लिए शौचालय का ही इस्तेमाल कराएं। डीआईओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में सघन दस्त नियंत्रण पखवारा चलाया जा रहा है।

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