पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

उठ रहे सवाल:27 छात्राओं के निष्कासन के तौर-तरीके पर उठ रहे सवाल

जहानाबाद23 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • कार्रवाई के दौरान बिहार बोर्ड के नियमों का नहीं किया गया पालन, नियम के विरुद्ध आखिर निष्कासित छात्राओं से क्यों नहीं की गयी जुर्माने की वसूली, जांच के लिए उठी आवाज

बिहार बोर्ड द्वारा आयोजित इंटर की परीक्षा में गत दो फरवरी को दूसरी पाली में भूगोल विषय की परीक्षा में राज्य संपोषित गर्ल्स स्कूल परीक्षा केंद्र से परीक्षा समापन के कुछ मिनट पहले 27 छात्राओं के निष्कासन पर कई सवाल उठ रहे हैं। निष्कासित छात्राओं के परिजनों का कहना है कि केंद्र पर प्रतिनियुक्त वरीय उप समाहर्ता द्वारा बिना किसी ठोस वजह व प्रमाण के सभी छात्राओं की कॉपी ले ली गई। उसके बाद उन्हें किसी प्रकार की कार्रवाई की कोई जानकारी भी नहीं दी गई। अभिभावकों व भुक्तभाेगी बने बच्चों का कहना है कि जब उन पर नकल का आरोप लगाया गया था तो कायदे से नियमानुसार इसकी जानकारी केंद्र पर एनाउंस करते हुए उन्हें दी जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

आखिर नियमो के उलंघन के पीछे क्या मंशा थी, इसकी जांच की जानी चाहिए क्योंकि नकल करने का अब तक कोई प्रमाण नहीं प्रस्तुत किया गया है। अभिभावकों का कहना है कि बोर्ड के प्रावधान के अनुसार नकल के आरोप में अनुमंडल पदाधिकारी के न्यायालय में सभी 27 छात्राओं को प्रस्तुत करते हुए जुर्माना के प्रावधान के मुताबिक दंड अधिरोपित करने चाहिए था लेकिन उसका भी अनुपालन नहीं किया गया। अभिभावकों व संबंधित बच्चों ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने अपनी मनमर्जी चलाते हुए एक साथ सताईस परीक्षार्थियों के भविष्य को अंधेरगर्दी में डाल दिया है। जांच कर पूरे मामले में दोषी अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कोई अपने कानूनी पावर को गलत तरीके से आगे दुरुपयोग नहीं करे।

एसडीओ ने कहा-पैट्रोलिंग मजिस्ट्रेट ने न्यायालय में नहीं करायी छात्राओं की पेशी

वरीय पदाधिकारी भी कार्रवाई के तौर-तरीकों से हैं असहमत, सजा का भी है प्रावधान
इधर केंद्र पर तैनात वरीय उप समाहर्ता निकिता से जब इस संबंध में रिपोर्टर ने बात की तो उन्होंने बताया कि सभी प्रकार के प्रावधान की जिम्मेवारी केद्राधीक्षक की रहती है। उनसे ही सारी जानकारी प्राप्त करें। इस संदर्भ में अनुमंडल पदाधिकारी निखील धनराज निप्पणीकर ने बताया कि परीक्षा केंद्र पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं स्थानीय थाने की पुलिस द्वारा नकल के आरोपी छात्राओं को अनुमंडल न्यायालय मंे प्रस्तुत करने की जिम्मेवारी थी लेकिन एेसा नहीं करते हुए बिहार बोर्ड द्वारा परीक्षा के लिए बनाए गए नियमों की अनदेखी की गई है। इस संदर्भ में संबंधित दंडाधिकारी के खिलाफ जिलाधिकारी को कार्रवाई के लिए लिखा गया है। एसडीओ ने बताया कि बिहार बोर्ड के प्रावधान के अनुसार नकल के आरोप में पकड़े जाने पर अनुमंडल न्यायालय में पेशी के बाद दो हजार रूपए जुर्माना या छह महीने का कारावास या दोनों सजा का नियम बनाया गया है। उन्होने कहा कि इस मामले को लेकर डीएम को आगे की कार्रवाई के लिए लिखा गया है।

परीक्षा समाप्ति के मात्र छह मिनट पहले 27 परीक्षार्थियों को किया गया था निष्कासित
संबंधित परीक्षार्थियों ने बताया कि गत दो फरवरी को दूसरी पाली में भूगोल विषय की परीक्षा में परीक्षा समापन के मात्र छह मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर तैनात पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट द्वारा 27 छात्राओं को नकल का आरोप लगाते हुए कॉपी छिन ली गई थी। कॉपी छिनने के बाद संबंधित छात्राओं को यह जानकारी भी नहीं दी गई की उन्हें नकल के आरोप में परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया है। अगले दिन तीन फरवरी को 27 छात्राएं जब परीक्षा केंद्र पहुंची तो उन्हें जानकारी मिली की परीक्षा से उन्हें निष्कासित कर दिया गया है। इससे छात्राओं के साथ ही उनके आक्रोशित परिजनों द्वारा जमकर बवाल भी काटा गया था। वरीय अधिकारियों के पहुंचने के बाद कई घंटो के बाद मामला शांत हुआ था।

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज जीवन में कोई अप्रत्याशित बदलाव आएगा। उसे स्वीकारना आपके लिए भाग्योदय दायक रहेगा। परिवार से संबंधित किसी महत्वपूर्ण मुद्दे पर विचार विमर्श में आपकी सलाह को विशेष सहमति दी जाएगी। नेगेटिव-...

    और पढ़ें