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सतर्कता जरूरी:अफवाहों में कोई दम नहीं, कोरोना संक्रमण से स्थायी रूप से बचने के लिए टीका बेहद जरूरी

जहानाबादएक महीने पहले
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गांव में ग्रामीणों को टीका के फायदे बताते जिलाधिकारी व अन्य। - Dainik Bhaskar
गांव में ग्रामीणों को टीका के फायदे बताते जिलाधिकारी व अन्य।
  • भ्रांतियों को दूर करने में जनप्रतिनिधियों से मांगा सहयोग, 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत वैक्सीनेशन का लक्ष्य

जिले में वैक्सीनेशन को ले व्याप्त भ्रांतियों के खिलाफ जिला प्रशासन अपनी मोर्चे को लगातार मजबूत कर वैक्सीनेशन को एक उत्सव के रूप में बदल दिया है। कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अन्य मोर्चों की तरह वैक्सीनेशन अभियान में आ रही बाधा को दूर करने के लिए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने खुद मोर्चा पर लगातार डटे हैं। इसके लिए जिले के ग्रामीण इलाकों में जाकर वे लोगों से सीधा संवाद कर उन्हें वैक्सीन के बारे में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की मुहिम चला रहे हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को भी उन्होंने प्रखंड के मकरपुर पंचायत के नेर, धरनई पंचायत के धरनई व रामपुर के कतरासिन गांव के महादलित टोलों में जागरूकता चौपाल लगाकर लोगों को टीका लेने के लिए जागरूक व प्रेरित किया। उनके साथ डीडीसी मुकूल गुप्ता के अलावा हम नेता व पूर्व प्रत्याशी ई.देवेन्द्र मांझी, नगर पंचायत मखदुमपुर के डिप्टी चेयरमैन व हम के राष्ट्रीय महासचिव रितेश कुमार उर्फ चुन्नू शर्मा, धरनई पंचयात के मुखिया अजय सिंह यादव, मखदुमपुर बीडीओ अनिल मिस्त्री सहित दर्जनाें अन्य स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ताओं के अलावा जीविका, आशा कर्मी, मनरेगा व कृषि विभाग सहित कई अन्य कर्मी भी जागरूकता को बल देने में जुटे रहे।

नगर पंचायत के उप मुख्य पार्षद चुन्नू शर्मा, देवेन्द्र मांझी, मुखिया अजय सिंह यादव सरीखे स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी जागरूकता अभियान में भागीदारी निभाते हुए डीएम के साथ गांव में डोर टू डोर घूमकर व जागरूकता चौपाल लगाकर ग्रामीणो से सीधा संवाद कर लोगों से टीका को लेकर मन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने का भरसक प्रयास किया। इस काम में एकजुट प्रयासों से अच्छी कामयाबी भी मिली और कई लोग टीका लेने के लिए तैयार भी हुए। पहले से टीका को लेकर कई सशंकित ग्रामीण वैक्सीन लेने के लिए हामी भरी। डीएम के साथ कई स्थानीय पंचायत जन प्रतिनिधि व सामाजिक कार्यकर्ता भी उनका साथ दे रहे थे। उन्होंने संबंधित गावों स्थित विशेष टीकाकरण सेंटर में चल रही गतिविधियों का भी निरीक्षण किया। जागरूकता अभियानों की वजह से वहां पहले से ही अच्छी संख्या में ग्रामीण टीका लेने को पहुंचे थे।

ग्रामीणों को जागरूक करने और शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए अधिकारी पहुंचे गांव

काम करने के दौरान भी संक्रमित नहीं हुए दोनों डोज लेनेवाले लोग

लोगों से संवाद के दौरान डीएम ने कहा कि टीका पूरी तरह से वैज्ञानिकाें के द्वारा परखा व प्रमाणित संक्रमण से बचने का एक मजबूत सुरक्षा कवच है। ऐसे में किसी को मन में किसी प्रकार की भ्रांति रखने की जरूरत नहीं है। हर किसी को अपने नजदीकी केन्द्र पर जाकर टीका लेने की जरूरत है। डीएम ने कहा कि टीका को लेकर कई असामाजिक तत्व व ग्रुप अफवाह फैला रहे हैं। इससे सावधान रहने की जरूरत है। अफवाह पूरी तरह से बेतुका व निराधार हैं। इस पर किसी को ध्यान देने की जरूरत नहीं है।

उन्हाेने कहा कि टीका की जीवन रक्षक क्षमता का प्रमण है कि जिला प्रशासन के सभी फ्रंटलाइन वर्कर्स, स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ वर्कर्स एवं क्षेत्र भ्रमण कर रहे कर्मियों को कोरोना संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के दौरान संक्रमण से बचाए रखा। इन सभी लोगों ने फरवरी से मार्च महीने तक कोरोना टीका का दोनों डोज लगा लिया था, जिसके परिणामस्वरूप ये संक्रमण से स्वयं को सुरक्षित कर पाए। डीएम ने जिले के सभी पंचायत जन प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व प्रबुद्ध लोगों से लोगों को वैक्सीन को लेकर जागरूक करने की अपील की।

उन्होंने सभी स्थानीय जनप्रतिनिधियों से व्यापक जन हित में आगे आकर लोगों को टीका के लिए जागरूक करने की अपील करते हुए कहा कि अगर कुछ बेतुके भ्रांतियों की वजह से लोग टीका नहीं लेते तो यह पूरे समाज के जिम्मेदार लोगों के लिए अफसोस जनक है। उन्होंने जन प्रतिनिधियों से अपने इलाकों में कुछ लोगों में फैली गलतफहमियां,अफवाह या भ्रांतियाें को दूर करने में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि आज हर जिम्मेदार लोगों को खुद को साबित करने का माैका है।

अभियान का दिखा असर 450 लोगों ने लिया टीका

जागरुकता अभियान की वजह से शुक्रवार को रामपुर के कतारिसन में 160, मकरपुर के नेर गांव में 190 व धरनई में 100 लोगों ने टीका लिया। डीएम ने कहा कि जिले के लोगों में फैली भ्रांतियां अब तेजी से दूर हो रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन आगामी इकतीस जुलाई तक जिले में टीकाकरण के लक्ष्य को शत प्रतिशत हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए हर जरूरी कोशिश की जा रही है और इसमें अधिकारियों, कर्मियों व सामाजिक क्षेत्र के लोग पूरी समर्पण से काम कर रहे हैं।

उन्होंने गावों में लोगों के दरवाजे पर जाकर उन्हें टीका से कोरोना से होने वाले मजबूत बचाव के बारे में विस्तार से जानकारियां दी। उन्होंने ग्रामीणों को बताया कि कि टीका लेने वाले लोगों में संकमण का खतरा लगभग न के बराबर होता है। पहले कोरोना से बचाव के लिए मास्क एक मात्र उपाय था लेकिन अब कोरोना की वैक्सीन लोगों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच के रूप में उपलब्ध है। उन्होंने लोगों को बताया कि वैक्सीन लेने वाले लोगों को संक्रमित होने पर भी जान का खतरा नहीं होता।

उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि उन्होंने खुद व सभी सरकारी अधिकारी व कर्मचारियों ने टीका लिया है जिसके बाद से कुछेक को छोड़ किसी को संक्रमण नहीं हुआ। जिले के सिविल सर्जन सहित सभी डाक्टरों के अलावा सांसद व विधायकों के अलावा समाज का बड़ा तबका टीका टीका ले चुका है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि अगर टीका को लेकर जरा भी शंका होती तो बड़े-बड़े प्रभावशाली लोग टीका नहीं लेते। गांव के सभी लोग बेफिक्र होकर टीका लगाएं क्योंकि जिला प्रशासन उनके हित में ही उन्हें टीका लगाने को कह रहा है।

डीएम ने कहा कि सरकार उनकी दुश्मन थोड़े ही है कि उन्हें खतरे वाली टीका लेने के लिए उन्हें प्रेरित कर रही है। उन्हाेने ग्रामीणों से अुनरोध करते हुए कहा कि वे समझदार बने और बिना सिर पैर के अफवाहों पर ध्यान देने के बजाय सरकार व वैज्ञानिकों की बातों पर भरोसा करें। उन्होंने कहा कि अब तक देश व दुनिया में पचास करोड़ से अधिक लोगों ने टीका लेकर अपने काे संक्रमण से सुरक्षित किया है। सवालिया लहजे में कहा, इतने सारे लोग बेवकूफ थोड़े ही हैं।

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