आस्था:पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया जिउतिया का पर्व व्रती महिलाओं ने रखा 24 घंटे का निर्जला उपवास

जहानाबाद2 महीने पहले
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  • महिलाओं ने सामूहिक पूजा-अर्चना कर कथा भी सुना, की पुत्रों के दीर्घायु होने की मंगल कामना

जिले में बुधवार को जीउतिया का पर्व पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। बुधवार को महिलाएं अपने पुत्र की दीर्घायु होने व जीवन कल्याण के लिए चौबीस घंटे का निर्जला जीतिया व्रत रखकर भगवान की पूजा अर्चना की। मंगलवार को देरत रात अधिकांश महिलाओं ने नियमपूर्वक सरगही करने के बाद सुबबह से ही निर्जला व्रत धारण कर पूरी पवित्रता के साथ अराधना में लीन हो गईं। हालांकि निर्जला व्रती महिलाओं ने अपनी जीवटता दिखाते हुए इस दौरान घरों का काम काज भी निबटाया। इस दौरान कई घरों में परिवार के अन्य सदस्यों की ओर से व्रतियों को सहयोग भी मिला।

शाम में महिलाओं ने परंपरार के अनुसार कई जगहों पर सामूहिक पूजा किया तो कईयों ने अपने घरों में ही पूजा कर पुत्रों के कल्याण व दीर्घायु होने की ईश्वर से कामना की। घोसी प्रखंड के गावों में तो व्रती महिलाओं ने वोट देने के लिए लंबी कतारों में घंटों अपनी बारी का इंतजार भी किया। दरअसल हर वर्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जीवित्पुत्रिका यानि जिउतिया या जीजिया का व्रत होता है। इस वर्ष भी निर्धारित तिथि यानि 29 सितंबर को यह पर्व मनाया गया। जीवित्पुत्रिका व्रत को, जीतिया या जिउतिया या जीमूत वाहन का व्रत आदि नामों से जाना जाता है।

जिउतिया को लेकर प्रचलित है कई प्राचीन मान्यताएं व कथाएं
स्थानीय थाना रोड स्थित काली मंदिर के मुख्य पुजारी जनमेजय मिश्र ने बताया कि जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा महाभारत से जुड़ी है। अश्वथामा ने बदले की भावना से उत्तरा के गर्भ में पल रहे पुत्र को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र का प्रयोग किया। उत्तरा के पुत्र का जन्म लेना जरुरी था। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपने सभी पुण्यों के फल से उस बच्चे को गर्भ में ही दोबारा जीवन दिया। गर्भ में मृत्यु को प्राप्त कर पुन: जीवन मिलने के कारण उसका नाम जीवित्पुत्रिका रखा गया। वह बालक बाद में राजा परीक्षित के नाम से प्रसिद्ध हुआ। जिले के बाजारों में जिउतिया पर्व को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। सुबह में पूरे विधान के साथ व्रती महिलाएं पूजा पाठ कर पारण के साथ व्रत का समापन करेंगी। पारण के बाद घरों में विशेष व्यंजन बनाने की परंपरा का भी निर्वहन होता है।

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