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जहानाबाद:जाम छलकाने वाले अपनी सेहत से कर रहे खिलवाड़, जा सकती है जान

जहानाबाद9 महीने पहले
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  • डॉक्टरों का है कहना, जा सकती है आंख की रोशनी और गंवानी पड़ सकती है जान
  • लीवर की बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या में हो रही है बेतहाशा वृद्धि, बरतें सावधानी

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू है। लेकिन, जाम छलकाने वालों को किसी न किसी तरह शराब मिल ही रही है। शराब की तस्करी से जुड़े लोग पड़ोसी राज्य झारखंड और बंगाल से जहानाबाद में भी अंग्रेजी शराब लाने में लगातार सक्रिय हैं। शराब माफियाओं की मेहरबानी से लोग चोरी-छिपे जाम भी छलका रहे हैं। लेकिन, जाम छलकाने वाले लोग शायद ही यह जानकारी जुटा पा रहे हैं कि वे जो जाम छलका रहे हैं, वह असली भी है या नकली। सूत्र बताते हैं कि बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू हाेने के बाद से यहां शराब की डिमांड काफी बढ़ गई है।

डिमांड बढ़ जाने के कारण यहां बड़े पैमाने पर नकली शराब की डिलेवरी हो रही है। झारखंड और बंगाल के इलाके में अलग-अलग कंपनियों की नकली रैपर लगाकर शराब की पैकिंग की जा रही है और तस्करों को कम कीमत में उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिक से अधिक मुनाफा कमाने की लालच में शराब तस्कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। शराब पीने के शौकीन भी जाने-अनजाने में जहर गटक रहे हैं। जानकार बताते हैं कि यदि यह सिलसिला जारी रहा और लोग शराब पीना बंद नहीं किए तो आने वाले दिनों में बिहार में लीवर की बीमारी से ग्रस्त मरीजों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि होने की संभावना है।

देसी शराब भी कई बीमारियों को दे रही निमंत्रण
पूर्ण शराबबंदी के दौर में जिले में देसी शराब की डिमांड भी काफी बढ़ गई है। गांव-गांव में देसी शराब चुलाई जा रही है। यह बात दीगर है कि प्रशासन लगातार कार्रवाई कर देसी शराब के धंधे को बंद कराने में जुटा है। लेकिन, छापेमारी के बाद तुरंत यह धंधा शुरु हो जाता है। जानकार बताते हैं कि देसी शराब के निर्माण में नशीली दवाइयां और इंजेक्शन का अत्यधिक उपयोग हो रहा है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

शहर के जाने माने चिकित्सक डॉ. गिरिजेश कुमार का कहना है कि शराब असली हो या नकली, दो सेहत के लिहाज से खतरनाक है। लेकिन, नकली शराब के सेवन से यह खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि नकली शराब के निर्माण में ज्यादातर मिथाइल अल्कोहल का उपयोग किया जाता है। मिथाइल अल्कोहल आंख, लीवर और पेट के लिए काफी खतरनाक होता है। इसके सेवन से आंख का ऑप्टिकल नर्व डैमेज हो जाता है, जिससे आंख की रोशनी चली जाती है।

नकली शराब का लगातार सेवन करने लीवर बहुत जल्द ही खराब हो जाती है, जिसे सेरोशिश ऑफ लीवर कहते हैं। ऐसी स्थिति में पेट में पानी जमा हो जाता है और आदमी जॉडिस का शिकार हो जाता है। ऐसे हालात में लीवर का रिकवर होने की संभावना कम हो जाती है, और ऐसे मरीजों की मृत्यु हो जाती है। इसके अलावा में पेट में गैस और अल्सर होने की संभावना भी अधिक हो जाती है।

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