नामांकन:उम्मीदवारों को नाजिर रसीद या ट्रेजरी चालान से जमा करना होगा नामांकन शुल्क

कैमूर9 महीने पहले
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  • निर्वाचित प्रत्याशी को मिलेगा डिजिटल प्रमाणपत्र, नामांकन शुल्क नहीं होगा वापस, अंतिम चरण में चुनाव कराए जाने से उम्मीदवारों में खुशी, प्रचार का मिला समय

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में नामांकन के समय उम्मीदवारों को नाजिर रसीद या ट्रेजरी चालान के माध्यम से नामांकन शुल्क जमा करना होगा। एक व्यक्ति एक साथ एक से अधिक पदों के लिए नामांकन कर सकता है।परंतु अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित नामांकन शुल्क जमा करना होगा।नामांकन शुल्क की निर्धारित राशि कोषागार में चालान से जमा होगा। इसके अलावा संबंधित प्रखंड कार्यालय में राशि जमा कर नाजिर से रसीद प्राप्त की जाएगी। नामांकन दाखिल करने के दौरान कोषागार में जमा चालन अथवा नाजिर रसीद की मूल प्रति नामांकन पत्र के साथ संलग्न करना होगा। पंचायत चुनाव के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने अलग-अलग सभी पदों के लिए नामांकन शुल्क की राशि भी तय कर दी है।

पंचायत के मुखिया सरपंच व बीडीसी का नामांकन शुल्क एक हजार रुपए जमा करना होगा। इसी तरह वार्ड सदस्य व पंच के लिए 250 रुपए नामांकन शुल्क निर्धारित है। लेकिन उक्त सभी पदों के लिए अगर उम्मीदवार महिला अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति या अति पिछड़ा वर्ग के सदस्य होने पर सभी अलग-अलग पदों के नामांकन शुल्क का 50% यानी आधा लगेगा। जिला परिषद के सदस्य के लिए 2000 रुपए तथा महिला अनुसूचित जाति जनजाति वह अति पिछड़ा कोटि के उम्मीदवारों को 1000 रुपए देना होगा।

जीतने के बाद मिलेगा डिजिटल सर्टिफिकेट
पंचायत चुनाव की तैयारी उम्मीदवारों और प्रशासन की तरफ से जोर शोर से चल रही है। हालांकि अभी तक पंचायत चुनाव को लेकर तारीखों का ऐलान नहीं हुआ है। ईवीएम मूवमेंट प्लान के मुताबिक जिले में दसवें चरण में चुनाव कराए जाने की प्रबल संभावना है।चुनाव के बाद होने वाले मतगणना में जीत हासिल करने वाले प्रत्याशियों को उसी वक्त सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए इस बार डिजिटल सर्टिफिकेट देने की व्यवस्था की जा रही है।
शुल्क नहीं होगा वापस
एक बार नामांकन शुल्क जमा करने के बाद किसी भी हालत में वापस नहीं किया जाएगा। यदि अनारक्षित पद पर आरक्षित कोटि का कोई उम्मीदवार नामांकन दाखिल करता है तो उस स्थिति में भी महिला अनुसूचित जाति जनजाति व पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित शुल्क ही लिया जाएगा। पंचायत आम निर्वाचन के तहत कुल छह पदों के लिए चुनाव कराए जाने हैं। जिसमें ग्राम पंचायत के मुखिया व सरपंच पंचायत समिति के सदस्य जिला परिषद सदस्य के अलावा वार्ड सदस्य व पंच सदस्य शामिल हैं।

एक दिन में सभी छह पदों के लिए मतदान
आयोग द्वारा जिला निर्वाचन विभाग को दिए गए निर्देश के अनुसार एक दिन में ही सभी छह पदों के लिए चुनाव होगा। इसके बाद मतदान के अगले दिन एक दिन मतगणना की जाएगी। बिहार राज्य निर्वाचन आयोग ने इसके लिए दिशानिर्देश जारी किया है।मतगणना को एक दिन में संपन्न कराए जाने के लिए भी निर्देशित किया गया है। जिले के 149 पंचायतों में दसवे चरण में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। जिसकी वजह से प्रत्याशियों को प्रचार प्रसार करने का अधिक समय मिलेगा।दूसरी तरफ प्रशासन को भी शांतिपूर्ण एवं भयमुक्त वातावरण में चुनाव संपन्न कराने के लिए तैयारी का भरपूर समय मिलेगा।

नामांकन प्रक्रिया को लेकर हो रही तैयारियां
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी पत्र के आलोक में जिला प्रशासन द्वारा चुनाव की तिथियों की घोषणा के पहले नामांकन प्रक्रिया को लेकर भी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रमोद कुमार ने कहा कि अंतिम चरण में चुनाव कराए जाने से विधि व्यवस्था संधारण को लेकर तैयारियों को बेहतर करने का मौका मिलेगा।

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