पंचायत चुनाव:कौआकोल में छिटपुट घटनाओं के बीच 56.25% हुई वोटिंग

कुमार सानू| कौआकोल2 महीने पहले
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मतदान के लिए सुबह से लगी लंबी लाइन। - Dainik Bhaskar
मतदान के लिए सुबह से लगी लंबी लाइन।
  • पंचायत की सरकार के लिए युवाओं के अलावा बुजुर्ग और बीमार लोगों ने किया मताधिकार का प्रयोग, जिउतिया के निर्जला उपवास में भी महिलाओं का दिखा उत्साह
  • मतदान के लिए सुबह में लाइन में लग गईं महिलाएं, दूसरे चरण का चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न कराने को डीएम एसपी ने खुद संभाली कमान

जिले के नक्सल प्रभावित कौआकोल प्रखंड में 56.25फीसदी मतदान हुआ। पंचायत आम निर्वाचन 2021 के दूसरे चरण में बुधवार को कौआकोल के 15 पंचायतों में 441 पदों के लिए मतदान किया गया। 208 बूथों पर करीब 60 हजार मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के दौरान वोट डालने के लिए महिला वोटरों में काफी जोश देखा गया जिसका 59.75 प्रतिशत रहा। इस बार महिला वोटर मताधिकार में पुरूष वोटरों से आगे रही। पुरुष वोटरों का प्रतिशत 53.75 फीसदी रहा। मताधिकार को लेकर महिलाओं के उत्साह का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिउतिया व्रत के निर्जला उपवास में होने के बावजूद वोट देने के लिए न केवल मतदान केन्द्र तक पहुंची बल्कि प्रोटोकॉल का पालन किया और पंक्तिबद्ध होकर वोट किया।

बीमार व वृद्ध लाचार वोटर भी वोट देने में रहे आगे
प्यारी देवी का पैर टूट गया था। लेकिन महिला खुद को मतदान करने से नहीं रोक सकी। घर की महिलाएं व अन्य परिजन उन्हें खाट पर लेकर बूथ तक गए। प्यारी देवी ने बताया कि हमें चलने में दिक्कत है। हमारा पैर टूट गया हैं। इसी कारण हमारे परिवार और गांव के लोग मिलकर वोट कराने को लेकर मतगणना केंद्र तक ले गए। उन्होंने नक्सल प्रभावित महुलिया टांड में मतदान किया।

बायोमीट्रिक का नहीं था सुविधा
मतदान करने आये मतदाताओं की डिजिटल पहचान के लिए राज्य चुनाव आयोग द्वारा अनिवार्य किया गया बायोमेट्रिक तरीका का कौआकोल में उपयोग नहीं हो सका। जिसके कारण प्रखंड के कई बूथों पर बोगस वोट भी डाले गए। बता दें कि पंचायत चुनाव में पहली बार मतदाताओं की पहचान के लिए बायोमेट्रिक तरीका अपनाया गया था। वोटरों की अंगूठे का निशान लेकर उसकी डिजिटल पहचान सुनिश्चित की गई। इसके बाद ही वोटर मतदान कर सके।

ईवीएम खराब रहने के कारण एक घंटे तक बाधित रहा मतदान
कोल्हुआर बूथ संख्या 99 पर ईवीएम में खराबी हो जाने के कारण एक घंटे तक मतदान बाधित रहा। जिसके कारण उक्त बूथ पर पोलिंग का प्रतिशत काफी कम रहा। जबकि बंदीचक बूथ संख्या 103 पर तैनात मजिस्ट्रेट द्वारा खास प्रत्याशी को मदद पहुंचाने के लिए मतदाताओं को बेवजह परेशान करने का प्रयास किया गया। उक्त मजिस्ट्रेट से नोकझोंक हो गया। मतदाताओं की शिकायत थी कि मतदान के लिए आधार कार्ड का छायाप्रति तथा जॉब कार्ड को उनके द्वारा मान्यता न दे मतदाताओं को बेवजह मतदान करने से वंचित किया गया।

नियंत्रण कक्ष सुबह से ही रहा व्यस्त, अलर्ट रहे सुरक्षा बल

प्रखंड के विभिन्न मतदान केन्द्रों पर गहन निगरानी के लिए नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई थी। जो पूरी तरह से निष्क्रिय रहा। जबकि सुबह से ही अधिकारी अपने कार्य में जुट गए थे। नियंत्रण कक्ष में मौजूद अधिकारियों द्वारा प्रखंड के विभिन्न बूथों पर की स्थिति का जायजा लेने के वजाय पूरी तरह से लापरवाही बरतते रहे। चुनाव के दौरान संवेदनशील बूथों पर अर्धसैनिक बल के जबान किसी भी अप्रिय वारदातों से निपटने के लिए अलर्ट रहे। तथा लगातार ही क्षेत्र में किसी भी तरह के अप्रिय वारदात से निपटने के लिए लगातार भ्रमणशील रहे। समय समय पर कौआकोल के जंगली ईलाके की गांवों में बाइक से पेट्रोलिंग करते रहे। कौआकोल प्रखंड के बूथों पय बुधवार को छिटपुट घटनाओं के साथ शांतिपूर्ण ढंग से मतदान हुआ। इस दौरान डीएम सह जिला निर्वाची पदाधिकारी यश पाल मीणा व एसपी धूरत सायली सावलाराम, पकरीबरावां एसडीपीओ मुकेश साहा, पकरीबरावां पुलिस इंस्पेक्टर संजीव कुमार आदि संयुक्त रुप से बूथों का औचक निरीक्षण करते रहे।

खाट पर महिला को ले जाते हुए।
खाट पर महिला को ले जाते हुए।

10 किमी पैदल चल मतदाताओं को करना पड़ा मतादान
उग्रवाद प्रभावित इलाका के दनियां, रानीगदर तथा भीखोमोह रजवरिया के मतदाताओं को गांव से दूर 10 किलोमीटर की दूरी पर पचम्बा स्थित बूथ संख्या 141 पर अपने मताधिकार का प्रयोग करना पड़ा। इन गांवों के मतदाताओं ने बताया कि सरकारी स्तर से मतदाताओं को बूथ तक पहुंचने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नहीं रहने के कारण काफी संख्या में वृद्ध व लाचार मतदाता इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं कर सके। जिसके कारण उन मतदाताओं में भारी निराशा है।

पीठासीन पदाधिकारी पर खास प्रत्याशी को मदद पहुंचाने का लगा आरोप

बूथ-104 सलैया में पीठासीन पदाधिकारी को रुम में घूसकर मतदाताओं ने खास प्रत्याशी को मदद पहुंचाते देख आक्रोशित हो उठे। तथा इसकी शिकायत अधिकारी को दी गई। जिसके बाद वहां तैनात मजिस्ट्रेट तथा प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी द्वारा तत्काल उस पीठासीन पदाधिकारी को कड़ी फटकार लगाते हुए पोलिंग रुम से बाहर रहने की हिदायत दी गई। इसके बाद वहां वोटिंग फिर से शुरू हुआ।

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