कार्रवाई:बगीचे में चल रही थी ठगी की दुकान, सगे भाई समेत 6 गिरफ्तार

कतरीसराय6 दिन पहले
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जानकारी देते डीएसपी व गिरफ्तार बदमाश। - Dainik Bhaskar
जानकारी देते डीएसपी व गिरफ्तार बदमाश।
  • कोरोना की तीसरी लहर में देश भर में ठगी की तैयारी, मचा हड़कंप

दूसरी लहर की तरह कोरोना की तीसरी लहर में भी कतरीसराय के सक्रिय फ्रॉड देश भर में ठगी की तैयारी कर चुके थे। जिसकी भनक लगने के बाद एसपी अशोक मिश्रा ने राजगीर डीएसपी के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए टीम का गठन कर दिया था। टीम ने शुक्रवार को कतरीडीह गांव में छापेमारी कर सगे भाई समेत 6 साइबर ठगों को गिरफ्तार कर लिया। बदमाश बगीचा में ठगी की दुकान चला रहे थे। मौके से 6 मोबाइल, तीन रजिस्टर, 126 पीस ग्राहकों का नाम पता अंकित ऑर्डरसीट, चेकबुक, एटीएम कार्ड, आधार-पैन कार्ड व 8 हजार नगदी बरामद हुआ।
गिरफ्तार बदमाशों में कमल बिगहा निवासी दिनेश शर्मा का पुत्र शुभम कुमार, कतरीडीह निवासी स्व. रोहन सिंह का पुत्र संजय कुमार, सुलेंद्र सिंह का पुत्र सुमंत कुमार, उमेश सिंह का पुत्र संजीत कुमार, सीताराम सिंह का पुत्र अंकू कुमार और उसका भाई पिंटू कुमार शामिल है।
छापेमारी टीम में गिरियक अंचल इंस्पेक्टर जितेंद्र कुमार, कतरीसराय थानाध्यक्ष शरद कुमार रंजन, गिरियक थानाध्यक्ष संजीव कुमार, सिलाव थानाध्यक्ष पवन कुमार, जमादार राजीव सिंह समेत अन्य सुरक्षाकर्मी शामिल थे।
दवा के नाम तीसरी लहर में ठगी की थी तैयारी
राजगीर डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारी को सूचना मिली थी कि दूसरी लहर की तरह फ्रॉड कोरोना की तीसरी लहर में पूरे देश में ठगी की योजना बना सक्रिय हो चुका है। जिसके बाद उनके नेतृत्व में टीम का गठन किया गया। टीम ने बगीचा में ठगी की दुकान चलाते सगे भाइयों समेत आधा दर्जन बदमाशों को गिरफ्तार किया। वर्तमान में बदमाश लोन और विभिन्न तरह का झांसा दे ठगी कर रहा था। जब्त रजिस्टर में ठगी के शिकार हुए लोगों का नाम और मोबाइल नंबर अंकित था। जिससे प्रतीत होता है कि गिरोह ने लाखों की ठगी की है। बदमाशों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि कोरोना की तीसरी लहर में दवा और इलाज का झांसा दे पूरे देश में ठगी की योजना थी। कुल तीस बदमाशों पर केस दर्ज किया गया है।
गिरोह के सदस्य रजिस्टर में रोज बनाते थे हाजिरी
गिरोह के सदस्य सुबह होते ही बगीचा व खेत में बैठकर ठगी में जुट जाते थे। गिरोह के सदस्यों रजिस्टर में हर दिन अपनी हाजिरी बनाते थे। ठगी की रकम में सदस्यों को हिस्सा दिया जाता था। पुलिस टीम फरार सरगना की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

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