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डायरिया का दस्तक:मदनपुर के 5 गांवों में डायरिया, एक किशोरी समेत दो की मौत, 12 से अधिक लोग अक्रांत

मदनपुर16 दिन पहले
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सदर अस्पताल में इलाजरत डायरिया से पीड़ित महिला। - Dainik Bhaskar
सदर अस्पताल में इलाजरत डायरिया से पीड़ित महिला।
  • मेडिकल टीम ने पांचों गांवों का किया दौरा, बांटी गई दवाई, बोले डीएम-काबू में हालात
  • नल-जल के टूटे पाइप में नाली का पानी मिला, पीने से फैला गांवों में डायरिया

कोरोना का संकट अभी पूरी तरह टला नहीं कि एक नई आफत घेरने लगा। मदनपुर के पांच गांवों में डायरिया ने पांव पसार लिया है। कहर भी बरपाना शुरू कर दिया। एक किशोरी समेत दो की मौत हो गई। जबकि दर्जनों लोग डायरिया से अक्रांत हैं।

जिनमें से कई का इलाज औरंगाबाद सदर अस्पताल में चल रहा है। मृतकों में सईद बिगहा गांव निवासी रामबरत भुईयां के 13 वर्षीय बेटी रेशमी कुमारी व नाथु बिगहा गांव निवासी सर्जुन भुईयां के दो वर्षीय बेटा सुकेत कुमार शामिल है। उक्त दोनों के मौत के बाद से परिवार में मातम पसरा हुआ है। पूरे गांव के लोग डरे सहमे हुए हैं। मदनपुर के जिन गांवों में डायरिया ने पांव पसारा है। उनमें सईद बिगहा, मौलवी बिगहा, नाथु बिगहा बेरी, चिकनिया एवं कोल्हुआ शामिल है।

एक ही परिवार के पांच लोग डायरिया के चपेट में, एक किशोरी ताेड़ा दम
मदनपुर प्रखंड के खिरियावां पंचायत के सईद बिगहा गांव में एक ही परिवार के पांच लोग डायरिया के चपेट में आ गए। जिसमें एक किशोरी की रेशमी की मौत शनिवार की शाम हो गई। जबकि रामबरत भुइयां की पत्नी शांति देवी, पुत्र राजू भुइयां, अजय भुइयां, श्रवण भुईयां के 8 वर्षीय बेटा सन्नी कुमार डायरिया से पीड़ित है।

सूचना पाकर जिला परिषद प्रत्याशी अभय कुमार शिकारी सन्नी को अपने निजी वाहन से अस्पताल में भर्ती कराया। इधर बेरी पंचायत के नाथू बिगहा में सर्जुन भुइयां के बेटा सुकेत कुमार मौत डायरिया की चपेट में आने से हो गई। जबकि उसकी पत्नी ललिता देवी का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है।

एक ही परिवार के पांच लोग पीड़ित, गांवों में दहशत
गरीबों को शुद्ध जल पिलाने के लिए नल-जल योजना से पाईपलाइन बिछाकर घरों तक नल लगाया गया है, लेकिन यह योजना में छल हुआ। घटिया पाईप लगाया गया। जो टूट चुका है। नाली के पानी टूटे पाईप में मिल गया। जिससे पानी दूषित हुआ और यही पानी सईद, मौलवी बिगहा गांव के लोगों के घरों तक पहुंचा। जिसके पीने से गांव में डायरिया फैल गया। पहले एक दो बच्चे शिकार हुए। फिर देखते ही देखते गांव के दर्जनों लोग इसके चपेट में आ गए।

एक किशोरी समेत दो बच्चों की मौत के बाद इलाके में दहशत कायम हो गया। मदनपुर पीएचसी के मेडिकल टीम उक्त गांवों में दौरा किया। वहीं आसपास के लोग भी वहां पहुंचकर पड़ताल किया। जिसमें नाली के पानी टूटे पाईप के सहारे घरों तक पहुंचने का मामला सामने आया। टीम में मदनपुर पीएचसी के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. यतेन्द्र कुमार, डॉ. जीतेन्द्र कुमार आदि ने जायजा लिया।

पानी उबालकर पीएं, सफाई पर ध्यान दें : एक्सपर्ट
शहर के प्रख्यात शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बी किशोर ने बताया कि डायरिया से बचने के लिए पानी उबालकर ठंडा कर पीयें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। इसके साथ साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दें। बाहरी खाना बिल्कुल न खाएं। डायरिया होने पर ओआरएस का घोल दें, न रहने पर नींबू चिनी का घोल पिलाएं, खाना में दाल का पानी, चावल का माड़ देते रहना चाहिए। जिंक शीरप देना चाहिए। एंटीबायोटिक का प्रयोग बिना डॉक्टर के सलाह के न करें। महिला डॉक्टर भावना कुमारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के लिए डायरिया खतरनाक है।

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बी किशोर
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बी किशोर

चिकित्सकों की टीम हालात पर रखी है नजर
डीएम सौरभ जोरवाल ने बताया कि सूचना के बाद तत्काल मेडिकल टीम से उक्त गांवों का जायजा लिया गया। हालात बिल्कुल काबू में हैं। जो लोग बीमार हैं। उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। चिकित्सकों की टीम द्वारा लगातार इन क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है। गांवों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया जा रहा है।

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