एडवेंचर के शौकीनों के लिए पसंदीदा स्पॉट बना राजगीर:रॉक क्लाइंबिंग से लेकर स्काई वॉकिंग की सुविधा, नेचर सफारी ने बढ़ाई टूरिस्टों की संख्या

नालंदाएक महीने पहले

बिहार का अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल राजगीर इन दिनों पर्यटकों से गुलजार है। नेचर सफारी को लेकर पर्यटकों में एक अलग सी ही दीवानगी देखी जा रही है। एडवेंचर के शौकीन भी बड़ी संख्या में यहां पहुंच रहे हैं। दरअसल, नेचर सफारी के अंदर रॉक क्लाइंबिंग से लेकर स्काई वॉकिंग की सुविधा पर्यटकों को यहां मिल रही है। प्रकृति की गोद में बसा राजगीर और जेठीयन मार्ग पर बनाए गए नेचर सफारी पार्क की वजह से पर्यटकों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है।

राजगीर में स्काई बाइकिंग करते पर्यटक।
राजगीर में स्काई बाइकिंग करते पर्यटक।

500 हेक्टेयर में नेचर सफारी
राजगीर में ग्लास ब्रिज के लिए अलग ही पर्यटक उत्साहित रहते हैं । 19 करोड़ की लागत से 500 हेक्टेयर में नेचर सफारी का निर्माण किया गया है। इसके अंदर अलग-अलग तरह के आइटम लगाए गए हैं। नेचर सफारी पार्क के लिए सुबह से ही पर्यटकों की लंबी कतार लग जाती है। एक दिन में कुल 800 लोगों का प्रवेश दिया जा रहा है। नेचर सफारी घूमने वाले पर्यटकों के लिए वन विभाग की पॉल्यूशन मुक्त गाड़ी से सफारी के अंदर ले जाया जाता है। इसकी एंट्री फीस 50 रुपए है।

ग्लास ब्रीज से राजगीर की खूबसूरती को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)
ग्लास ब्रीज से राजगीर की खूबसूरती को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार। (फाइल फोटो)

नेचर सफारी में क्या-क्या है मौजूद
ग्लास स्काईवॉक, सस्पेंशन ब्रिज जिपलाइन, फ्लाइंग फॉक्स जीप स्काईवॉकिंग, राइफल शूटिंग, वॉल क्लाइंबिंग, आर्चरी, बंबू वुडेन, मड हट, रॉक क्लाइंबिंग, सेंट्रल लॉन, हिल्स, तालाब, बटरफ्लाई जोन, नेचर वॉक, वुडन ब्रिज, चिल्ड्रन पार्क, ध्यान केंद्र, लघु भारत प्रदर्शनी।

एडवेंचर के शौकीन पहुंच रहे हैं राजगीर।
एडवेंचर के शौकीन पहुंच रहे हैं राजगीर।

किसका कितना है शुल्क

  • एंट्री टिकट- 50 रुपए
  • ग्लास स्काईवॉक- 125 रुपए
  • सस्पेंशन ब्रिज-10 रुपए
  • जिपलाइन /फ्लाइंग फॉक्स-100 रुपए
  • जीप/ स्काई बाइकिंग 100 रुपए
  • राइफल शूटिंग-50 रुपए
  • वॉल क्लाइंबिंग- 20 रुपए
  • आर्चरी- 100 रुपए
  • बैटरी वैकल्- 10 रुपए
  • साइकिल यूज़- 10 रुपए
  • बंबू/उडेन/मड हट- 500 रुपए

जेठीयन मार्ग पर बना है सफारी
जिस जेठीयन मार्ग से भगवान बुद्ध बोधगया से राजगीर आए थे। उसी जेठीयन मार्ग पर नेचर सफारी का निर्माण कराया गया है, जिसमें नालंदा के अलावा गया के जंगलों को भी शामिल किया गया। पर्यटक पूरा दिन प्रकृति की गोद में अलग-अलग जगहों पर घूमकर अपनी छुट्टी बिता सकते हैं।

रिपोर्ट: सूरज कुमार

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