प्रेमिका को 4 माह पहले मारा, मिली 3 साल सजा:नालंदा में किशोर न्याय परिषद् का त्वरित फैसला, प्रेमिका के हत्यारे किशोर को दी सजा

नालंदाएक महीने पहले
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प्रतीकात्मक फोटो। - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो।

इसी साल अगस्त में हुई एक किशोरी की हत्या मामले में किशोर न्याय परिषद ने त्वरित फैसला सुनाया है। परिषद के प्रधान दंडाधिकारी मानवेंद्र मिश्र ने घटना के चार माह बाद ही आरोपित किशोर को दोषी पाते हुए तीन साल की सजा दी है। साथ ही साक्ष्य छुपाने के मामले में भी दोषी पाए जाने पर तीन साल की सजा दी है। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी। वहीं, रेप एवं पॉक्सो के आरोपों से किशोर को बरी कर दिया है।

मामला नालंदा जिले के थरथरी थाना क्षेत्र का है। सहायक अभियोजन पदाधिकारी (APO) जयप्रकाश ने बताया कि कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक, एफएसएल रिपोर्ट के अलावा मौखिक साक्ष्य को अहम माना है। अभियोजन की ओर से सभी 12 लोगों ने गवाही दी।

उन्होंने बताया कि 4 अगस्त 2021 की रात एक बजे कांड के सूचक ने अपनी नाबालिग पुत्री को घर में नहीं पाया। इसके बाद परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान 12 बजे दिन में ग्रामीण ने तालाब में युवती की लाश होने की सूचना दी। सूचक ने लाश की पहचान अपनी पुत्री के रूप में की।

APO ने बताया कि उक्त युवती और मामले में आरोपित किशोर एक ही जगह ट्यूशन पढ़ने जाते थे। पढ़ाई के दौरान ही दोनों में प्रेम हो गया और अक्सर मोबाइल पर बातें करने लगे। इसी दौरान 4 अगस्त 2021 की रात दोनों तालाब के पास की पुलिया पर मिले। वहां बातचीत के दौरान दोनों में कहासुनी हुई। फिर किशोर ने प्रेमिका की गला दबाकर हत्या कर दी और लाश को बगल के पानी भरे गढ्ढे में फेंक दिया।

बता दें कि किशोरी की हत्या मामले में गलत अनुसंधान करने का वजह से एसपी हरिप्रसाथ एस ने थरथरी थानाध्यक्ष सह मामले के अनुसंधानकर्ता चंदन कुमार को निलंबित भी कर दिया था।