जानिए, कैसे 15 साल में सुनीता बनी शराब माफिया:जिस्मफरोशी के धंधे से सफेदपोशों को साधा, सेक्स और शराब के तड़के से बनाई अकूत संपत्ति, 12 मौतों के बाद फूटा भंडा

नालंदा5 महीने पहले
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नालंदा जहरीली शराब कांड में 12 लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने एक महिला को उसके बेटे के साथ अरेस्ट किया है। आरोपी महिला सुनीता और उसका बेटा सूरज नालंदा के ही रहने वाले हैं। बताया जाता है कि महिला का इलाके में दबंगई भी चलती है। उसके खौफ के आगे लोग उसकी शिकायत नहीं करते थे। मैडम सुनीता के नाम से इलाके में मशहूर है। भास्कर ने जब उसके बारे में तहकीकात की तो उसके कई राज सामने आए। वह शराब के धंधे के साथ-साथ इलाके में सेक्स रैकेट भी चलाती थी। उसमें उसका बेटा सूरज भी साथ देता था। दोनों ने इस धंधे से अकूत संपत्ति बनाई है। बिहारशरीफ के कई इलाकों में मकान है।

जहरीली शराब की पैकिंग और उसे सप्लाई करने के आरोप में सुनीता के ऊपर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। मोहल्ले वासियों के मुताबिक, सुनीता इस धंधे में कई वर्षों से लिप्त थी। शराबबंदी का सुनीता ने खूब फायदा उठाया। इससे खूब पैसा बनाया। बता दें, 15 जनवरी को नालंदा में जहरीली शराब पीने से 12 लोगों की मौत हुई थी। इसमें अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। 6 अलग-अलग FIR दर्ज की गई है। अब पढ़िए मैडम सुनीता की कहानी...

बताया जाता है कि 15 साल पहले गरीबी में उसकी जिंदगी कट रही थी। उसका पति गौतम प्रसाद सोहसराय के आशा नगर में गेट ग्रिल का काम कर परिवार का भरण पोषण करता था। वहीं उसका पूरा परिवार रहता था। गरीबी को लेकर वह बार-बार पति को कोसती रहती थी। उसकी महत्त्वाकांक्षा बढ़ती जा रही थी। तब उसने धीरे-धीरे लोगों से अपना संपर्क बढ़ना शुरू कर दिया। इसका विरोध जब उसका पति करता था तो उससे रोज झगड़ा होने लगा। जब पति-पत्नी के बीच झगड़ा ज्यादा बढ़ गया तो उसने गौतम को छोड़ दिया और अकेले रहने लगी। पति दिल्ली शिफ्ट हो गया। बाद में पैसे की चमक देखकर उसका बेटा भी उसके सामने नतमस्तक हो गया और वह इस धंधे को आगे बढ़ाने लगा।

आरोपी सुनीता बेटे के साथ मिलकर अवैध धंधा का काम करती थी।
आरोपी सुनीता बेटे के साथ मिलकर अवैध धंधा का काम करती थी।

शराबबंदी को बनाया अवसर

इधर, मोहल्ले में हर दिन अनजान लोगों के आने-जाने से बुद्धिजीवियों ने मोहल्ले से सुनीता को खदेड़ दिया। इसके बाद उसने पहड़तल्ली मोहल्ले में आकर शरण ली। पैसे की चमक के आगे सुनीता को सब कुछ फीका लगने लगा। वह यहां भी सेक्स स्कैंडल में लिप्त रही। इसके बाद साल 2016 के अप्रैल में बिहार सरकार ने शराबबंदी लागू कर दी। यह उसके लिए और भी फायदे का कानून बन गया। शराबबंदी के समय से ही इस धंधे में पूरी तरह से लिप्त हो गई थी।

कई सफेदपोशों का भी सुनीता के यहां आना-जाना लगा रहता था। उसकी हनक में वह अपना भय पड़ोसियों को दिखाकर रखती थी। उसका डर पड़ोसियों में इस कदर हावी हो गया था कि उसके अवैध कारनामों के बारे में वे लोग किसी के सामने बोलने की हिम्मत भी नहीं जुटाते थे। डरे-सहमे लोग मोहल्ले में अपनी जिंदगी बीता रहे थे। डर की वजह से ही मोहल्ले के लोग सुनीता मैडम बोलने लगे थे।

आरोपी सुनीता के घर पर इश्तेहार चिपकाती पुलिस।
आरोपी सुनीता के घर पर इश्तेहार चिपकाती पुलिस।

पुलिस ने फ्रीज किए बैंक एकाउंट

मोहल्ले में उसकी दबंगई भी चलती है। शराब के धंधे से जुड़े रहने की वजह से कई रसूखदारों तक उसकी पहुंच थी। इस वजह से लोग विरोध करने में भी डरते थे। सेक्स स्कैंडल की दुनिया में भी सुनीता की अलग पहचान थी। इससे भी उसने काफी संपत्ति बनाई है। शहर में पूर्व से एक मकान रहने के बाद एक अन्य मकान के निर्माण कार्य में लगी हुई थी। हालांकि, प्रशासन ने घर को सील करते हुए उसके बैंक अकाउंट को भी फ्रीज कर दिया है। जिस अकाउंट को फ्रीज किया गया है, उसमें मोटी रकम रहने की बात सामने आई है।

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