भगवान चित्रगुप्त की पूजा:बल और ज्ञान की प्राप्ति के लिए भगवान चित्रगुप्त की सच्चे मन से की पूजा-अर्चना

नासरीगंज/ काराकाट22 दिन पहले
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श्रीवास्तव समुदाय के लोगो ने साहस, शौर्य, बल और ज्ञान की प्राप्ति के लिए भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना बड़े ही धूमधाम से की गई। पुरुष और महिलाओं ने चित्रगुप्त भगवान के साथ-साथ कलम-दवात की भी पूजा-अर्चना की। भगवान चित्रगुप्त की पूजा श्रीवास्तव परिवारों में बड़े ही धूम-धाम से मनाई गई। इसकी तैयारी एक दिन पहले से ही की गयी थी। हालांकि कुछ ऐसे लोग भी हैं, जो आज के दिन काम की विवशता और आदेशों के अनुपालन के लिए कारण कलम का प्रयोग करते हैं। नासरीगंज प्रखंड के इटिम्हां के निवासी मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आज की पूजा में परिवार अपना लेखा-जोखा रखता है।

एक पीढ़ी अपने ज्ञान को दूसरी पीढ़ी में हस्तांतरिता करता है। सदियों से यही परंपरा चली आ रही है। आज के दिन पूजा के बाद उक्त समाज के लोग प्रायः कलम का प्रयोग नहीं करते। भगवान चित्रगुप्त की पूजा अर्चना की बड़ी तैयारी की गई। इसके अलावे नासरीगंज नगर में भी एएनएम शांता सिन्हा ने चित्रगुप्त भगवान की विशेष रूप से पूजा-अर्चना की। इस पूजा में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव उर्फ गोपाल श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, रंजन श्रीवास्तव, दीपक श्रीवास्तव, राजीव राज, राजनन्दी,गुंजन श्रीवास्तव, रवि कुमार सोनी, आनंद बिहारी सिन्हा, हार्स सिन्हा अादि मौजूद थे। सिटी रिपोर्टर काराकाट के अनुसार प्रखण्ड के विभिन्न गांवों में शनिवार को भगवान चित्रगुप्त की पूरी श्रद्धा के साथ पूजा- अर्चना की गई। मोथा, कायस्थ बहुआरा व कुशी आदि दर्जन भर गांवों में कलम - दवात की पूजा की गई और प्रसाद का वितरण किया गया। ‘’चित्रगुप्त जब लेखा मांगे’’ भजन में कई लोगों ने भाग लिया। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

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