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कोरोना से लड़ाई:कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के लिए नवादा व रजौली में 90 बेड तैयार

नवादा8 दिन पहले
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वार्ड का निरीक्षण करते कलेक्टर यशपाल मीणा व अन्य पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
वार्ड का निरीक्षण करते कलेक्टर यशपाल मीणा व अन्य पदाधिकारी।
  • बच्चों के लिए रक्षा कवच बनेगा वेंटिलेटर से लैश पीकू वार्ड, बंद पड़ा रजौली रेफरल अस्पताल का पीकू वार्ड फिर एक्टिव, 5 डॉ. को मिल रही ट्रेनिंग

कोरोना के तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा सबसे ज्यादा है। हालत बिगड़ने पर रजौली के अनुमंडलीय अस्पताल में इंसेफेलाइटिस से लड़ने के लिए बना पीकू वार्ड बच्चों का रक्षा कवच बनेगा। यहां ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की सुविधा से लैस 10 बेड उपलब्ध है।

संक्रमण की स्थिति में बच्चों को तत्काल इलाज देने के लिए नवादा और रजौली में 40-40 बेड सुरक्षित कर पीडियाट्रिक कोविड-19 वार्ड बनाया गया है। हालत गंभीर होने पर रजौली के 10 बेड वाले पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीकू) की सेवा ली जाएगी। सदर अस्पताल में न्यू बोर्न बच्चों के लिए बना एसएनसीयू वार्ड भी अलर्ट पर है। जिले में तीसरी लहर की संभावित चुनौती से निपटने के लिए पिछले 10 दिनों से तैयारी की जा रही है। रजौली के 10 वेंटिलेटर युक्त आईसीयू को चालू करने की कोशिश की जा रही है।

वार्ड का रंग-रोगन कर बेड तैयार कर दिया गया है। यहां कबसभी बेड को ठीक किया जा रहा है। चाइल्ड स्पेशलिस्ट सहित 5 चिकित्सकों और 8 स्वास्थ्यकर्मियों की प्रतिनियुक्त हुई है।सदर अस्पताल को भी अपडेट किया गया है। दूसरे लहर में मरीज कमने के कारण रैन बसेरा का कोविड वार्ड खाली हो गया है। इसे अब बच्चों के लिए कोरोना वार्ड के रूप में सुरक्षित किया गया है। सीएस ने बताया कि रैन बसेरा में 40 बेड बच्चों के लिए सुरक्षित है। वार्ड के लिए ऑक्सीजन की व्यवस्था कर दी गई है। बेड भी तैयार है।

तीसरी लहर में बच्चों पर खतरा ज्यादा

विशेषज्ञों द्वारा तीसरी लहर में सबसे ज्यादा बच्चों के प्रभावित होने की कही जा रही है। इस खतरे को देखते हुए तैयारी चल रही है। आशंका जताई जा रही है कि प्रतिरोधक क्षमता कम होने के कारण बच्चे तीसरी लहर में कोरोना संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। दूसरी लहर में ऑक्सीजन समेत अन्य संसाधनों दुरुस्त करने के साथ-साथ बच्चों के इलाज के लिए अभी से तैयारी पूरी की जा रही है।

गांव में स्वास्थ्य व्यवस्था सुधारने की कोशिश

ग्रामीण क्षेत्रों में भी कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर को दुरूस्त किया जा रहा है। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जिला में आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराया गया है। आवश्यकतानुसार डॉक्टर, एएनएम, जीएनएम व अन्य स्वास्थय कर्मियों के बहाली की प्रक्रिया जारी है। सिविल सर्जन ने बताया कि कोरोना की तीसरे लहर से निपटने में ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए अभी से ही तैयारी की जा रही है।

ऑटोमेटिक बेड का होगा पीकू वार्ड

करीब एक साल से बंद पड़े पीकू वार्ड को तैयार किया जा रहा है। जब-जब मस्तिष्क ज्वर फैलने का समय आता है। तब-तब इस वार्ड को तैयार किया जाता है। लेकिन मरीज नहीं मिलने के कारण आगे के लिए कोई पहल नहीं की जाती है। काेरोना की तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए एक बार फिर से इसे तैयार किया जा रहा है। सीएस ने बताया कि सदर पीकू वार्ड के सभी बेड ऑटोमेटिक है। शिशु रोग विशेषज्ञों की लिस्ट तैयार की जा रही है।

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