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पुनः नियोजन:हाईकोर्ट के फैसले के अनुसार प्रोन्नति पुनर्बहाल करने की मांग की गई है

नवादा6 दिन पहले
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  • साहित्यालंकार की डिग्री वैध ठहराए जाने के बाद उप सचिव बिहार द्वारा सभी शिक्षकों को पुनः नियोजन किया गया

साहित्यालंकार की डिग्री को अवैध बताए जाने के चलते शिक्षक की प्रोन्नति रद्द होने के बाद हाईकोर्ट ने डिग्री को वैध घोषित किया है। फैसला पक्ष में आने के बाद अब शिक्षक प्रोन्नति का लाभ मांग रहे हैं। सेवानिवृत्त शिक्षक कौशलेंद्र कुमार ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर प्रोन्नति के तहत मिलने वाले लाभ मुहैया कराने की मांग की है। जिला पदाधिकारी को दिए आवेदन में कहा है कि मुझे माननीय उच्च न्यायालय पटना के पारित आदेश के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेशानुसार राजकीय मध्य विद्यालय कहुआरा नारदीगंज के मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान से स्नातक कला के पद पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय फल्डू नारदीगंज नवादा में तैनात किया गया था ।

हमने वहां योगदान भी कर लिया था लेकिन इसके बाद हमारे डिग्री साहित्यालंकार हिंदी विद्यापीठ देवघर को अवैध करार देते हुए राजकीय मध्य विद्यालय मैट्रिक प्रशिक्षित वेतनमान अवनति कर दी गई। इस फैसले के खिलाफ शिक्षकों द्वारा अलंकार डिग्री की वैधता के लिए उच्च न्यायालय पटना में याचिका दायर किया था। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने दिनांक 23 सितंबर 2019 को साहित्यालंकार की डिग्री को वैध करार दिया। साहित्यालंकार की डिग्री वैध ठहराए जाने के बाद उप सचिव बिहार द्वारा सभी शिक्षकों को पुनः नियोजन किया गया। 4 अप्रैल 2020 को जिला परिषद नवादा के ज्ञापांक 298 से यह स्पष्ट भी है। इसलिए हमारी प्रोन्नति को दोबारा बहाल किया जाए ताकि जब तक मैंने सेवा दी है तब तक का लाभ मिल सके। कौशलेंद्र ने बताया कि इसी आदेश के तहत हमसे जूनियर शिक्षकों को प्रोन्नति देकर बाहर भी किया जा चुका है लेकिन हमारी प्रोन्नति का लाभ हमें अब तक नहीं मिला है। हम 2015 में सेवानिवृत्त हुए हैं इसने 2015 तक का प्रोन्नति लाभ हमें मिलना चाहिए।

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