दिशा-निर्देश:धर्मशाला का होगा विकास, गोरक्षिणी का भी जीर्णोद्धार

नवादा14 दिन पहले
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  • शहर के भरावपर स्थित श्री बिहार धर्मशाला के जर्जर भवन का एसडीओ ने निरीक्षण किया

शहर के भरावपर स्थित श्री बिहार धर्मशाला के जर्जर भवन का शुक्रवार को एसडीओ कुमार अनुराग ने निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने धर्मशाला का संचालन से सम्बंधित पूछताछ की। निरीक्षण के दौरान धर्मशाला के सचिव मृत्युजंय नाथ गोपाल ने एसडीओ को बताया गया कि इस भवन को वर्ष 2019 में ही भवन निर्माण विभाग द्वारा जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसका जीर्णोद्धार होना जरूरी है। एसडीओ ने धर्मशाला की आय के बारे में भी जानकारी ली। धर्मशाला के सचिव ने बताया कि धर्मशाला में कुल 12 दुकान एवं 4 गोदाम हैं। जिसमें से कुछ ही दुकानदार द्वारा किराया दिया जाता है। बाकी के द्वारा किराया नहीं दिया जाता है। सचिव ने यह भी बताया कि धर्मशाला का किसी तरह का कागजात प्रभार में पूर्व सचिव द्वारा नहीं दिया गया है।

आपसी विवाद के कारण नहीं हो रहा विकास। निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने बताया कि यह धर्मशाला शहर के बीचोंबीच अवस्थित है। यह बिहारशरीफ का महत्वपूर्ण धर्मशाला है। आपसी विवाद के कारण इस धरोहर का उपयोग शहरवासी नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि न्यास पार्षद के दिशा-निर्देश के तहत शीघ्र ही बैठक कर इससे संबंधित किसी भी तरह के विवाद को सुलझाया जाएगा और इस धरोहर को उपयोग में लाने के लिए योजना बनाई जाएगी।

बनायी जाएगी योजना
एसडीओ ने भरावर स्थित गौरक्षिणी का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपस्थित कमिटी के सदस्यों ने एसडीओ से कहा कि गौरक्षिणी के जमीन की घेराबंदी नहीं होने के कारण आये दिन विवाद होता रहता है। जिसके कारण इसके संचालन में समस्या आती है। एसडीओ ने बताया कि पूर्व में भी यहां से अतिक्रमण हटाया गया था। उन्होंने सदस्यों से कहा कि इसी माह गौरक्षिणी से संबंधित जमीन के सभी विवाद को निपटाया जाएगा एवं इसके बेहतर तरीके से संचालन को लेकर सभी कार्यकारिणी सदस्यों के साथ बैठक कर योजना भी बनाई जाएगी। उन्होंने गौरक्षिणी का जीर्णोद्धार के लिए भी सभी आवश्यक करवाई किये जाने की बात कही ।

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