श्रद्धांजलि:डॉ. आंबेडकर मानवीय मूल्यों के जीवंत उदाहरण हैं

नवादा2 महीने पहले
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मविवि में अंबेडकर की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम। - Dainik Bhaskar
मविवि में अंबेडकर की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम।
  • मगध विवि में सामाजिक न्याय की अवधारणा एवं इसकी वर्तमान चुनौतियां पर संगोष्ठी की गईं

डॉ बीआर अंबेडकर सामाजिक न्याय के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के जीवंत उदाहरण हैं, जो संसार में सभी व्यक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय की अवधारणा के लिए प्रासंगिक है। आज संसाधनों का असमान वितरण है। मगध विवि के मन्नूलाल केंद्रीय पुस्तकालय परिसर में सोमवार को बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के 66 वां महापरिनिर्वाण दिवस के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी को संबोधित करते हुए उक्त बातें प्रभारी कुलपति प्रो विभूति नारायण सिंह ने कही।

वे बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सामाजिक न्याय की अवधारणा एवं इसकी वर्तमान चुनौतियां पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न योजनाओं द्वारा जल और ऊर्जा संसाधन के संरक्षण की नीतियां बना रही है, जबकि संसाधनों के तर्कसंगत वितरण के मुद्दे एवं इसके यथार्थ को डॉक्टर बीआर अंबेडकर आजादी पूर्व से ही उठाते आए हैं। उन्होंने अंबेडकर को एक दूरदर्शी नेता बताते हुए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि विवि में इस तरह का आदर्श माहौल तैयार करें जिससे एक जाति विहीन समाज की स्थापना की नींव पड़े।

सभी वर्गों में किया सामाजिक न्याय का संचार
रिसोर्स पर्सन मुख्य अतिथि प्रोफेसर सुरेश चंद्र के अनुसार डॉ अंबेडकर ने देश के सभी वर्गों में सामाजिक न्याय का संचार किया। इसमें दलित, आदिवासी, महिलाएं अति विशेष रूप से शामिल है। उन्होंने डॉ अंबेडकर के सामाजिक न्याय के विचार का मंथन करते हुए कहा कि भारतीय समाज की विषमता को दूर किया जा सकता है, जब समाज में व्याप्त धार्मिक कुरीतियों को नष्ट किया जाएगा। इन्होंने जातिवाद, विज्ञान विरोधी सोच, आरक्षण के दुरुपयोग आदि को सामाजिक न्याय के मार्ग में चुनौतियां बताया है।

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