हुआ फायदा:सावन शुरू होते जिले में मानसून मेहरबान, ट्रैक्टर और हल लेकर खेत में उतरे किसान

नवादाएक वर्ष पहले
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  • 24 घंटे में 48 एमएम बारिश, सावन में कई साल बाद गिरा 100 % बिचड़ा
  • पहले दिन 3800 हेक्टेयर में रोपा गया धान, खेतों की तैयारी में लगे किसान

वर्षों बाद सावन घुसते ही मानसून मेहरबान दिख रहा है। इससे किसान काफी उत्साहित हैं। सावन प्रवेश करते ही सोमवार और मंगलवार को जिले में जोरदार बारिश हुई इससे कई इलाकों के खेतों में खेती लायक पानी जमा हो गया है। खेतों में पानी जमा हुआ तो किसान भी हर बैल, ट्रैक्टर और कुदाल लेकर खेतों में भीड़ गए।

मंगलवार तक जिले में 5% रोपनी हो गई। कृषि विभाग के डाटा के अनुसार मंगलवार तक जिले में 3800 हेक्टेयर में धान की रोपनी संपन्न हुई है। नवादा सोभिया पर स्थित कृषि फार्म में भी बीज उत्पादन के लिए धान की रोपनी शुरू हो गई है। फार्म में मंगलवार को 2 हेक्टेयर खेत में रोपनी की गई। जिला कृषि पदाधिकारी अरविंद कुमार झा के अनुसार इस बार लगातार समय पर बारिश हो रही है।

या खरीफ फसल के लिए अनुकूल माहौल है। जिले भर में बिचड़ा डालने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। जिले में इस बार 76000 हेक्टेयर में धान के अच्छादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 7600 हेक्टेयर में धान का बिचड़ा डाला गया है। 

बरसों बाद धान कि खेती के अनुकूल मौसम
कई वषों के बाद मानसून के समय से आने और झमाझम बारिश होने के बाद  किसान प्रसन्न दिख रहे हैं। किसान इस बार  अपनी उपज को लेकर भी आशान्वित हैं। मौसम से प्रसन्न किसानों का कहना है कि अभी आद्र्रा नक्षत्र ही निकला है । धान रोपनी शुरू करने का यह सबसे मुफीद समय है। समय पर बिछड़ा डाला गया और अब समय से रोपनी होने की उम्मीद है।

आज भी बारिश के आसार , छाए रहेंगे बादल
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने  बताया  जुलाई माह में अब तक सात मिलीमीटर औसत बारिश हो चुकी है। जबकि जिले भर में एक्चुअल बारिश करीब 315 मिलीमीटर हुई है। अकेले सोमवार को 22 एमएम औसत बारिश हुई है। बुधवार को भी आसमान में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी इलाकों में बारिश हो रही है।

बिचड़ा तैयार नहीं होने से ठिठके किसान
मानसून की मेहरबानी से अच्छी बारिश हो रही है लेकिन अभी जिले के 90 फ़ीसदी किसानों का बिचड़ा तैयार नहीं हुआ है। इसके चलते किसान धान रोपनी करने में ठिठके हुए हैं। फिलहाल किसान अपनी मेल मजबूत कर पानी जमा करने में लगे हैं। अगले चार-पांच दिनों में धान का बिचड़ा तैयार हो जाएगा और तब तक अगर मौसम ठीक रहा तो रोपनी में तेजी आएगी।

बीज दुकानों पर चहल पहल बढ़ी
बारिश के बाद किसान जहां खेतों में भीग कर खेतों में पानी जमा कर रहे हैं वही खाद के लिए बाजार की भी दौड़ लगा रहे हैं। हालांकि अभी जिले के किसान बिचड़ा तैयार होने इंतजार कर रहे हैं इसलिए उर्वरक दुकानों पर ज्यादा हो हल्ला नहीं हो रहा है। फिर भी किसान भीड़ से बचने के लिए पहले से ही डीएपी, यूरिया और खरपतवार नष्ट करने वाले रसायन जमा कर रहे हैं।

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