कोरोना का प्रभाव:राजगीर में नहीं हो सका मकर मेला का आयोजन

नवादा5 दिन पहले
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  • सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कुंड बंद है और कुंड में सन्नाटा पसरा हुआ है

कोरोना के नये वेरिएंट ओमीक्रोन के बढ़ते प्रभाव के कारण इस वर्ष राजगीर में मकर संक्रांति के मौके पर लगने वाले राजकीय मकर मेला का आयोजन नहीं हुआ। मकर मेले के मौके पर लाखों श्रद्धालु कुंड में डुबकी लगाने के लिए राजगीर पहुंचते थे। लेकिन सरकार की गाइडलाइन के अनुसार कुंड बंद है और कुंड में सन्नाटा पसरा हुआ है। कुंड मकर मेले के मौके पर गुलजार रहता था। मकर संक्रांति के मौके पर राजगीर में राजकीय मकर मेला का आयोजन होता था। मेले में श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते थे और गर्म जल के झरनों एवं कुंडों में स्नान करते थे। लक्ष्मी नारायण मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद मकर संक्रांति के परंपरागत भोजन दही, चूड़ा, तिलकुट, मस्का, खाजा आदि का भी आनन्द लेते थे। साथ ही मकर संक्रांति के दूसरे दिन खिचड़ी खाने की परंपरा है। कुंड में स्नान दान के बाद लोग खिचड़ी का आनंद लोग लेते थे।

मकर मेला पर लगा ग्रहण। मेला में तरह तरह की प्रदर्शनियों का भी लोग आनंद लेते थे। इस साल मकर मेला पर कोरोना का ग्रहण लग गया है। राजगीर सहित मगध के श्रद्धालु राजगीर के गर्म जल के कुंडों में मकर स्नान से वंचित रहें। जिला प्रशासन द्वारा पहले से ही यहां के सभी कुंडों में ताला जड़ दिया गया है। इसलिए चोरी छिपे स्नान की भी गुंजाइश समाप्त हो गयी है।

पूजा के बाद बंद कर दिया गया मंदिर
पंडा कमेटी के सचिव विकास उपाध्याय ने बताया कि सरकार के गाइड लाइन के अनुसार मकर मेले का आयोजन इस बार नहीं हुआ। सिर्फ पुजारियों द्वारा मंदिर में पूजा अर्चना कर मंदिर को बंद कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मकर मेले का आदिकाल से काफी महत्व है। श्रद्धालु प्रत्येक वर्ष हजारों की संख्या में राजगीर कुंड में डुबकी लगाकर पूजा अर्चना करते थे। बड़ी संगत के मठाधीश एवं महामंडलेश्वर स्वामी विवेक मुनि जी महाराज ने मकर मेले के महत्व को बताया कि मकर संक्रांति हिंदुओं का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। मकर संक्रांति का जितना धार्मिक महत्व है उतना ही वैज्ञानिक महत्व है। मकर संक्रांति का संबंध केवल धर्म से ही नहीं बल्कि अन्य चीजों से भी जुड़ा है। जिसमें वैज्ञानिक के साथ कृषि से भी जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि मकर संक्रांति के बाद जो सबसे पहले बदलाव आता है वह है दिन का लंबा होना और रातें छोटी होनी लगती हैं।

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