आस्था:माताओं ने रखा 24 घंटे का निर्जला उपवास

नावादा2 महीने पहले
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पूजा-पाठ करती महिलाए। - Dainik Bhaskar
पूजा-पाठ करती महिलाए।
  • महंगाई पर भारी पड़ी जिउतिया की आस्था, 25 लाख से अधिक की सब्जी बिकी

उमस भरी गर्मी और सब्जियों की बेतहाशा महंगाई भी जितिया की आस्था को कम नहीं कर पाया। बल्कि माताओं की श्रद्धा के आगे मौसम को मुलायम होना पड़ा। देर रात तक मंदिरों में महिलाओं का पूजन अर्चन चलता रहा। नवादा शहर के रेलवे कॉलोनी में पंडित विद्याधर शास्त्री की देख रहे में महिलाओं ने पूजा अर्चन किया। संतानों के दीर्घायु होने की कामना को लेकर मनाया जाने वाला तीन दिवसीय जिउतिया पर्व जिले भर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। ब्रती माताओं ने बुधवार को जिउतिया का उपवास रखा। निर्जला व्रत कर माताओं ने अपने बच्चों की लंबी आयु, सदैव स्वस्थ रहने आदि की कामना की। जिउतिया व्रत को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा गया। आज पारण के साथ व्रत का समापन होगा। व्रत के पारण के अवसर पर घरों में विभिन्न प्रकार का व्यंजन बनाने की परंपरा रही है। इस दौरान कई प्रकार की सब्जियां बनाई जाती हैं। लिहाजा बाजार में सब्जियों के दाम आसमान पर रहे। सब्जी के दामों में जबरदस्त उछाल क बाद भी सब्जियों की जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने जमकर तरह-तरह की सब्जियों की खरीदारी की। खरीदारों में लग रहा था कि कोई सब्जी छुट न जाए। हालांकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों ने भी अपनी बजट के अनुसार खरीदारी की। खरीदारी को लेकर चहल पहल काफी रही। नवादा शहर की सब्जी मंडी, शहीद भगत सिंह चौक, छाय रोड स्थित सब्जी बाजार में लोगों की काफी भीड़ देखी गई। सुबह से लेकर देर शाम तक लोगों ने सब्जियों की खरीदारी की। ऐसे रहें सब्जियों के भाव: बाजार में सबसे महंगा धनिया का पत्ता रहा। जिले के बाजारों में धनिया कहीं 300 रुपए किलो तो कहीं 400 के करीब जा पहुंचा । खखसा 100 : 120 रुपये प्रति किलो, टमाटर 80 से 100 रुपये किलो, बैंगन 40 से 80 रुपए प्रति किलो, बोड़ा 60 रुपए से 80 , करैला 40 से 60 रुपए किलो, कद्दू 30 से 40 रुपये किलो बिके। इसके अलावा गोलवा साग 60 से 80 रुपये किलो तक बिका। जिउतिया पर्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण अनाज माने जाने वाला मडुआ आटा 40 रुपये किलो और कुसी केराव 80 रुपये प्रति किलो बिके। गद्दा भात बनाने और खाने की परंपरा :माताओं ने जिवित पुत्रिका व्रत के अवसर पर निर्जला उपवास रखकर जीतवाहन की पूजा अर्चना कर पुत्र की दीर्घायू होने की मन्नतें मांगी और कथा का श्रवण किया। शुक्रवार को प्रात: काल में व्रती महिलाएं सबसे पहले गाय के कच्चा दूध से पालन करेगी इसके बाद केराय,खीरा,गोलवा का साग आदि खाकर व्रत का समापन करेंगी। नवादा में हर घर में गद्दा भात बनाने और खाने की परंपरा है।

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