आस्था:13 को नागपंचमी,108 वर्ष बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, पूजा-अर्चना से विशेष फल

नवादा2 महीने पहले
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  • मेष, वृषभ, कर्क और मकर राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव, धन लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी

नागपंचमी इस साल शुक्रवार, 13 अगस्त को मनाई जाएगी। नागपंचमी पर इस साल दुर्लभ संयोग बन रहे हैं। राहु-केतु और काल सर्प दोष से जुड़े ये महासंयोग 108 साल बाद बन रहा है। पंडित अनिल पांडेय के अनुसार, नागपंचमी पर इस बार योग उतरा और हस्त नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। इस दिन काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए परिगणित और शिन नामक नक्षत्र भी लग रहा है । मेष, वृषभ, कर्क और मकर राशि के जातकों को धन लाभ मिलने की संभावना बढ़ेगी । पंडित अनिल पांडेय ने बताया कि नागपंचमी के दिन धन समृद्धि पाने के लिए पूजा की जाती है । धार्मिक मान्यता के अनुसार, लग देवता, माता लक्ष्मी की रक्षा करते हैं । इस दिन नाग देवता की विधि-विधान से पूजा करने पर आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाती है ।

इसके अलावा जिस व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष होता है । उस व्यक्ति को इस दोष से बचने के लिए नाग पंचमी का व्रत जरूर करना चाहिए । अगर किसी व्यक्ति को सपने में अधिक सांप दिखते हैं तो नागपंचमी के दिन विशेष पूजा करनी चाहिए । इससे आपका सांप के प्रति डर दूर हो जाएगा । नाग पंचमी के दिन विशेष रूप से नागों को दूध अर्पित किया जाता हैं । धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन विशेष रूप से 12 नागों की पूजा की जाती हैं ।

पूजा की चौकी पर नाग देवता की फ़ोटो या मूर्ति जरूर रखें

नाग पंचमी की पूजा विधि - नाग पंचमी की शुरुआत चतुर्थी दिन से हो जाती है । इस दिन एक समय भोजन करें । अगले दिन पंचमी को सुबह जल्दी उठकर स्नान करें । इसके बाद पूजा की चौकी पर नाग देवता की फ़ोटो या मूर्ति रखें । फिर हल्दी, रोड़ी, फल, फूल आदि चढ़ाएं । पूजा के बाद सर्प देवता की आरती उतारें। व्रत करने वाले लोग नाग पंचमी की कथा जरूर सुनें । नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त - पंडित अनिल पांडेय में बताया कि पंचमी तिथि 12 अगस्त 2021 को दोपहर 03 बजकर 24 मिनट पर शुरू होगी । जो दोपहर 01 बजकर 42 मिनट तक रहेगा । पूजा का शुभ मुहूर्त 13 अगस्त को सुबह 05 बजकर 49 मिनट से लेकर 08 बजकर 28 मिनट तक रहेगा ।

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