पूर्व मुखिया का निधन बना हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल:नवादा में मुस्लिमों ने पूर्व मुखिया को दिया कंधा, अंतिम यात्रा में हुए शामिल

नवादा10 महीने पहले
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पूर्व मुखिया की अर्थी को दोनों समुदाय के लोगों ने कंधा देकर श्मशान घाट पहुंचाया। - Dainik Bhaskar
पूर्व मुखिया की अर्थी को दोनों समुदाय के लोगों ने कंधा देकर श्मशान घाट पहुंचाया।

नवादा जिले के रोह प्रखंड के कुंज पंचायत के राजनीतिक पितामह कहे जाने वाले पूर्व मुखिया 85 वर्षीय बद्रीनारायण सिंह का पटना के एक निजी अस्पताल में बुधवार की शाम निधन हो गया। इसके बाद गुरुवार को इनकी शव यात्रा हिन्दू-मुस्लिम एकता की मिसाल बन गई। पूर्व मुखिया की अर्थी को दोनों समुदाय के लोगों ने कंधा देकर श्मशान घाट पहुंचाया। वहीं बड़ी संख्या में दलित समुदाय के लोगों ने भी अर्थी को कंधा दिया।

आम तौर पर मुस्लिम समुदाय के लोग मातमपुर्सी के लिए मृतक के घर पहुंचते हैं। परन्तु अर्थी को कंधा नहीं देते हैं। परन्तु इनकी अर्थी को पूर्व सरपंच मो मोहीऊद्दीन, शिक्षक मो सेवतुल्लाह आजमी, पूर्व समिति सदस्य मो इम्तियाज सहित दर्जनों मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कंधा दिया। दो दशक पूर्व इनके बड़े भाई पूर्व मुखिया ब्रह्मदेव नारायण सिंह के अर्थी को भी मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कंधा दिया था।

बद्रीनारायण सिंह साल 2001 से 2011 तक ग्राम पंचायत कुंज के मुखिया पद पर रहे। मुखिया बनने के पूर्व तीन कार्यकाल तक पैक्स अध्यक्ष भी रहे। वर्तमान में इनके पुत्र समीर कुमार मुन्ना कुंज पैक्स के अध्यक्ष हैं।