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किसानों की बढ़ी परेशानी:सिर्फ 3 दिन बाकी, निजी व सरकारी सभी गोदाम फुल, धान खरीद की प्रक्रिया रुकी

नवादा13 दिन पहले
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  • जिले में 80 हजार एमटी स्टोरेज की क्षमता, खरीदा गया 1.37 लाख एमटी धान

धान खरीद के लिए निर्धारित तिथि अब बस 3 दिन बची है लेकिन अभी भी सैंकड़ों किसानों के पास धान बाकी है। अंतिम समय में धान की खरीदारी तेज होने की वजह और धीमी हो गई है कई जगह तो खरीदारी बंद हो गई है । इसका एकमात्र कारण है गोदाम का आभाव । टैक्स और व्यापार मंडल के गोदाम फुल है। एसएससी पर्याप्त मात्रा में चावल जमा नहीं ले रहा है। मिलरों के पास भी धान या चावल रखने के लिए जगह नहीं है। ऐसे में पैक्स न तो मिलर को धान दे पा रहे हैं और ना ही चावल एसएफसी को जमा कर पा रहे हैं।

नतीजा है कि पैक्स के सारे गोदाम फूल हैं। अब धान ले तो रखे कहां । ऐसे में सबसे ज्यादा नुकसान किसानों को हो रहा है जिनका ध्यान अब तक नहीं बिका। जबकि धान खरीद के लिए 20 तारीख तिथि 21 फरवरी को समाप्त हो रही है । पिछले 1 सप्ताह में बेहद कम खरीदारी हुई है। पिछले एक महीने में जहां करीब एक लाख एमपी धान की खरीदारी हुई वहीं पिछले हफ्ते 10 लाख एमटी धान की ख़रीद भी नहीं हो पाई है।

चावल भी जमा नहीं ले रहा सएफसी, किसान हो रहे परेशान, नहीं हो रही सुनवाई

एसएफसी के गोदाम भी भरे
सेंट्रल कोऑपरेटिव के उपाध्यक्ष चंद्रिका यादव सहित जिले के कई पैक्स अध्यक्षों ने बताया कि खरीदे गए धान का चावल तैयार करा कर बैठे हैं लेकिन एसएफसी चावल नहीं ले रहा। बताया जाता है कि एसएफसी के 7 गोदाम है और सभी भरे हैं । अब गोदाम की कमी का हवाला देकर पैक्स अध्यक्षो के द्वारा तैयार करवाया गया चावल पिछले एक सप्ताह से एसएफसी के द्वारा जमा नहीं लेने से क्षेत्र के किसानों का धान की खरीदारी पूरी तरह बंद हो चुकी है। एक तो धान की खरीदारी देर से शुरू हुई और दूसरा इस बार लक्ष्य से ज्यादा है । उस पर से चावल जमा करने का यह झमेला हम लोगों को परेशान कर रहा है।

14% भी चावल जमा नहीं हुआ
धान खरीदारी के साथ ही समय पर चावल जमा कराने का लक्ष्य था । लेकिन नवादा में ऐसा नहीं होता दिख रहा है। अब तक 14% चावल भी जमा नहीं हो पाया है। जिले में अब तक लगभग एक लाख 37 हजार एमटी धान की खरीद हुई है। लेकिन अब तक 16 हजार 740 एमटी चावल ही जमा हो पाया है । जबकि कायदे से एक लाख 37 हजार एमटी धान के अनुपात में 89 हजार 100 एमटी धान जमा हो जाना चाहिए था। इस हिसाब से 72 हजार एमटी कम चावल जमा हो पाया है। देर से चावल जमा होने की स्थिति में बकाया अधिक दिनों तक रहता है और पैक्सों के डिफॉल्टर होने की भी आशंका रहती है ।

कम गोदाम से परेशानी

सरकार द्वारा इस बार धान खरीदारी के लक्ष्य को एक बार भी दुगना कर दिया गया लेकिन उस अनुपात में व्यवस्था नहीं की गई । जिले में सहकारिता के पास अब भी गोदामों की घोर कमी है। जानकारी के अनुसार सहकारिता के पास 35 हजार एमटी का गोदाम अपना है और करीब 45 हजार एमटी क्षमता का गोदाम किराए पर लिया गया है । यानी जिले में धाम स्टोर करने की क्षमता 80 हजार एमटी है । फिलहाल जिले में एक लाख 37000 एमटी से अधिक धान की खरीद हो चुकी है । ऐसे में गोदाम की कमी स्वभाविक है। यही परेशानी का सबब बना हुआ है ।

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