अच्छी पहल:नई शिक्षा नीति के तहत आत्मनिर्भर बनाने की तैयारी, दो स्कूलों में बच्चों को व्यावसायिक शिक्षा

नवादाएक महीने पहले
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एस एस बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय । - Dainik Bhaskar
एस एस बालिका प्लस टू उच्च विद्यालय ।
  • सूबे के 43 स्कूल सहित नालंदा जिले के एसएस बालिका प्लस टू विद्यालय और आदर्श प्लस टू विद्यालय चयनित

नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यवसायिक शिक्षा भी दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में सूबे के 43 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई को मंजूरी दे दी है। नालंदा जिले के एसएस बालिका प्लस टू विद्यालय और आदर्श प्लस टू विद्यालय में दो-दो व्यावसायिक कोर्स की मंजूरी दी गई है। हालांकि नया सत्र कब शुरू होगा, इसे लेकर अब तक स्थिति साफ नहीं है । लेकिन नई शिक्षा नीति में किए गए प्रावधानों के आधार पर तैयारियां हो रही है।

पढ़ाई के बाद रोजगार के लिए बच्चों को हनुमान कूद न लगानी पड़े, इसके लिए उन्हें हाईस्कूल स्तर से ही ट्रेंड किया जाएगा। इसके लिए स्कूलों में व्यावसायिक कोर्स शुरू किया जा रहा है। डीईओ केशव प्रसाद ने बताया कि उच्च व उच्चतर स्कूलों की शिक्षा को बेहतर बनाने का प्रयास शुरू कर दिया गया है। जिले के दो स्कूलों में छात्र-छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा से जुड़े कोर्स भी कराए जाएंगे। ताकि वह भविष्य के लिए हर स्तर से तैयार हो सकें। छात्रों की पढ़ाई का पूरा ढांचा बदला जाएगा। व्यवसायिक शिक्षा भी एक सबजेक्ट होगा। पहले चरण में एक विद्यालय से शुरुआत हुई । अब दो विद्यालय में व्यवसायिक शिक्षा की पढ़ाई की अनुमति दी गई है।

कौशल विकास रोजगार के लिए दक्ष करना उद्देश्य
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार 0माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर व्यवसायिक शिक्षा की शुरुआत करने का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में कौशल एवं दक्षता का विकास कर उन्हें रोजगारोन्मुख बनाना है। साथ ही विभिन्न आर्थिक एवं उत्पादक क्षेत्र की गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित कर कौशलयुक्त कर्मी उपलब्ध कराना है। भारत सरकार की ओर से नेशनल वोकेशनल क्वालिटी फ्रेमवर्क के अंतर्गत मार्गदर्शिका भी उपलब्ध कराई है। इस मार्गदर्शिका के अनुसार ही राज्य के विभिन्न जिलों में विद्यालयों में कोर्स शुरू करने की स्वीकृति दी गई है।

70 लाख का सामान अब शोभा की वस्तु

राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान ने अस्थावां प्रखंड के बेनार हाईस्कूल में रिटेल व सिक्यूृरिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई की स्वीकृति पूर्व में दी गई है। आत्मरक्षा के गुर सिखाने के उद्देश्य से हाईस्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को कराटे की ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही बालिका शिक्षा में गुणवत्ता लाने के उपायों पर विशेष कार्य किये जाने की बात कही गयी थी। इसी तरह से उस समय हर जिले में एक स्कूल का चयन किया गया था। जहां अलग-अलग व्यावसायिक कोर्स की पढ़ाई की मंजूरी दी गई थी। अभी वर्तमान में बेनार हाईस्कूल में 70 लाख का समान आकार यूं ही पड़ा है। मगर विभाग इस कोर्स के संचालन में कोई रुचि नहीं दिखा रही है।
प्रतिभाओं को मिलेगा प्रोत्साहन
विशेष प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की पहचान कर उन्हें विशेष तकनीकी और अन्य सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। पर्याप्त संवर्धन एवं प्रोत्साहन दिया जाएगा ताकि बच्चे अपनी रुचि के क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त कर सकें। बच्चों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल कराकर उनकी सफलता के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। 2021-22 से ऐसे बच्चों की पहचान कर कार्यक्रम की रूपरेखा तय की जाएगी।

विशिष्ट बच्चों की पहचान की जाएगी
विशिष्ट बच्चों को उचित शिक्षा, उनकी देखभाल और सहयोग के लिए विद्यालय से आंकड़े प्राप्त कर जिला स्तर पर डाटा संकलित किया जाएगा। ऐसे विद्यार्थियों के लिए डिजिटल तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग किया जाएगा। उन्हें विद्यालय स्तर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। साथ ही सभी सहायक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। बच्चों को स्वावलंबी बनाया जाएगा।
अधिकारी बोले
^चरणबद्ध तरीके से माध्यमिक स्कूलों को स्मार्ट बनाने की योजना बनायी गयी है। इसके लिए सूबे के 43 माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया गया है। व्यावसायिक शिक्षा को नए रूप में लागू करने के लिए विद्यार्थियों को भाषा की दक्षता, उद्यमिता का ज्ञान की जानकारी भी दी जाएगी। रोजगार कौशल बढ़ाने के लिए अध्यापकों और अभिभावकों की मौजूदगी में छात्रों की कॅरिअर काउंसिलिंग की जाएगी। माध्यमिक स्कूलों में बच्चों के कौशल की पहचान और मार्गदर्शन के लिए काउंसलर की व्यवस्था की जाएगी।काउंसिलिंग में प्रतिभावान बच्चों की पहचान कर उन्हें उनकी रुचि और कौशल क्षमता के आधार पर प्रशिक्षण दिलाया जाएगा।
योगेंद्र सिंह, डीएम, नालंदा

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