जेठानी को देवरानी ने हराया:नवादा में पिछली बार देवर की बदौलत बनी थीं मुखिया, इस बार घर में बंटवारा पड़ा भारी

नवादा8 दिन पहले
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(बायं) पीली साड़ी में जेठानी मीना देवी, (दायं) नीली साड़ी में देवरानी रेणु देवी। - Dainik Bhaskar
(बायं) पीली साड़ी में जेठानी मीना देवी, (दायं) नीली साड़ी में देवरानी रेणु देवी।

चुनाव के दौरान अपने पराए और पराए अपने हो जाते हैं। कुछ इसी प्रकार का नजारा नवादा जिले के वारिसलीगंज प्रखंड में देखने को मिला। पंचायत चुनाव के 7वें चरण में वारसलीगंज में सामान्य महिला के लिए आरक्षित मोसमा पंचायत में इस बार मुखिया पद के तीन दावेदारों ने चुनावी अखाड़े में जोर आजमाइश की। इनमें निवर्तमान मुखिया मीना देवी को हराकर देवरानी रेणु देवी चुनावी दंगल में कुर्सी पर कब्जा जमाने में सफल हुईं।

पारिवारिक संपत्ति के बंटवारे को लेकर मीना देवी के पति राजेन्द्र यादव और नवनिर्वाचित मुखिया रेणु के पति अजीत के बीच दूरियां बढ़ने लगीं। इसी बीच 5 साल बीत गए और पंचायत चुनाव का बिगुल बज गया। फिर क्या था। पिछले चुनाव में भाभी मीना को मुखिया का ताज दिलाने वाले अजीत खुद चुनाव लड़ने की घोषणा कर पंचायत के लोगों के हर दुख दर्द में साथ खड़ा होना शुरू कर दिए। नगर परिषद के उत्प्रेशन में मोसमा पंचायत के भौगोलिक परिदृश्य में थोड़ा बदलाव आ गया।

इससे अजीत को पंचायत चुनाव में जीत की राह आसान प्रतीत हुई। उसने अपनी पत्नी रेणु को अपनी ही भाभी के विरुद्ध मुखिया का उम्मीदवार बना दिया। हालांकि, इस बार मिरचक निवासी आशा देवी के चुनावी समर में आ जाने से चुनाव शुरुआती प्रचार के दौरान त्रिकोणीय होने की संभावना प्रबल हो गई, लेकिन चुनाव के दौरान एक प्रत्याशी के कुछ समर्थकों ने वोट मांगने के दौरान रेणु देवी के साथ गाली-गलौज व मारपीट की। बाद में वही सहानुभूति वोट के रूप में बदल कर चुनाव परिणाम को रेणु के पक्ष में कर दिया।