छठ महापर्व को लेकर सात्विक हुआ वातावरण:छठ मईया के गीतों से गुलजार हो रहे घर-आंगन

नवादाएक महीने पहले
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छठ महापर्व को लेकर जिले का वातावरण सात्विक हो गया है। कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष के प्रवेश के साथ ही लोक -आस्था के महापर्व छठ का खुमार दिखने लगा है। शहर से लेकर गांवों तक छठ व्रत का माहौल दिख रहा है। जिले के सभी बाजारों में बांस के सूप-दौरे का बाजार पटा है। छठ गीतों से गांव की गलियों से लेकर शहर के मकान-दुकान गुंज रहें हैं। कल नहाय खाय से सूर्योपासना का महापर्व छठ शुरू हो जायेगा। सोमवार को ही नहाय खाय मनाया जाएगा और फिर मंगलवार को लोहंडा का खरना होगा।

इस पूजन को लेकर व्रतियांे के घरों में अभी से ही छठि मईया के पारंपरिक गीत बजने लगे हैं। इससे माहौल पूरी तरह से छठ पूजा का हो गया है। इन गीतों में मारवौ रे सुगवा धनुष से, कांच ही बांस के बहंगिया, करम हम छठि के बरतिया, केलवा के पात पर उगल सूरज देव... जैसे कई गीत सुनायी दे रहे हैं। बाजार में खरीददारी की भीड़: छठ पूजा के प्रसाद के रूप में लगने वाले गेहूं, चावल, गूड़ को नियमपूर्वक लाया जा रहा है। कई व्रतियों को पूजा में सहयोग करने के लिए अभी से ही परिवार, रिश्तेदार के लोग पहुंचने लगे हैं। खरीदारी को लेकर बाजार में भी तैयारियां की गई है।

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