लहराया परचम:जिले के प्रतिभागियों ने बीपीएससी की परीक्षा में लहराया परचम

नवादा17 दिन पहले
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  • बीपीएससी की 65वीं संयुक्त परीक्षा में साधारण परिवेश के लोगों ने अपनी मेहनत, लगन और साहस की बदौलत पाई सफलता, जिसके कारण उनका जीवन आम से खास हो गया

कहते हैं कि मुसीबत कितनी भी बड़ी हो लेकिन हौसला के आगे छोटा ही पड़ता है। बीपीएससी की 65 वीं संयुक्त परीक्षा के परिणाम में ऐसा ही देखने को मिला है। अपनी मेहनत, लगन और संघर्ष के बूते राज्य की सबसे कठिन परीक्षा में प्रतिभागियों ने दमदार उपस्थिति दर्ज कराई है। कई दिक्कतें आईं। विफलता मिली। लेकिन घबराने की बजाय उसे कमजोरी को ताकत बनाया। लिहाजा, प्रतिभागियों का जीवन आम से खास हो गया है।

पहले प्रयास में पाई सफलता
नवादा जिले के हिसुआ प्रखंड के रेपुरा निवासी अविनाश कुमार वशिष्ठ पहले प्रयास में बीपीएससी की परीक्षा में सफलता अर्जित की है। उनका 220 रैंक हैं। उन्हें सप्लाई इंसपेक्टर का पद मिला है। इसके पहले दो दफा यूपीएससी मेंस दे चुके थे। अविनाश की पढ़ाई हिसुआ में हुआ। जबकि एनआइटी जमशेदपुर से मैक्निकल इंजीनिरिंग से ग्रेजुएशन किया। उनके पिता अरविंद कुमार वशिष्ठ नारदीगंज इंटर स्कूल के प्रिसिंपल हैं। मां मीणा सिन्हा गृृहिणी है। अविनाश के बड़े भाई आशुतोष कुमार वशिष्ठ, बैंक आॅफ बड़ौदा, इलाहाबाद में मैनेजर हैं। जबकि छोटा भाई आनंद वशिष्ठ दिल्ली से लाॅ कर रहे हैं।

नौकरी छोड़कर की थी तैयारी
नवादा जिले के नारदीगंज प्रखंड के रामे निवासी राजीव कुमार ने बीपीएससी की परीक्षा में 279 रैंक प्राप्त कर सामान्य कैटेगरी में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर सफलता अर्जित की है। इसके पहले दो दफा यूपीएससी और बीपीएससी की मौखिक परीक्षा में भी शामिल हो चुके हैं। उन विफलताओं से सबक लेकर सफलता अर्जित की है। बता दें कि राजीव कुमार के पिता मॉडर्न शैक्षिक समूह नवादा के निदेशक हैं। दसवीं तक राजीव की पढ़ाई मॉडर्न इंग्लिश स्कूल से हुई। 12वीं की पढ़ाई ऋषिकुल विद्यापीठ, सोनीपत हरियाणा से की। वाईएमसीए फरीदाबाद से बीटेक करने के बाद टीसीएस में चयन हुआ।

वसिका नवीस की बेटी बनी अधिकारी
बिहार के नवादा जिले के पकरीबरावां के मेधीपुर निवासी सरिता कुमारी चौथे प्रयास में सफलता अर्जित की है। सरिता का 476 रैंक है। उन्हें आरडीओ का पद मिला है। सरिता कहती हैं कि तीन परीक्षाओं में विफलता से सबक लेकर तैयारी की जिसके कारण सफलता मिली है। सरिता के पिता धुरंधर सिंह नवादा सिविल कोर्ट में वसिका नवीस हैं। मां सुविला देवी गृृहिणी हैं। सरिता की प्रारंभिक पढ़ाई माॅडर्न इंगलिश स्कूल से हुई। दसवीं और 12वीं जवाहर नवोदय विधालय रेवार से की। ग्रेजुएशन पटना यूनिवर्सिटी से की। एमए बनारस ंिहदू यूनिवर्सिटी से कीं। फिलहाल, वह वाराणसी के बसंता काॅलेज ऑफ वुमेन में गेस्ट फैकल्टी के रूप में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। महात्मा गांधी सेंट्रल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की।

जाॅब में रह पाई सफलता
हिसुआ नगर के स्व. हरिचंद्र रजक के पुत्र प्रभात कुमार ने बीपीएससी परीक्षा मे 1084वां रैंक पाया है। उन्हें (आरडीओ) रुरल डेवलपमेंट ऑफिसर पद के लिए चयन किया गया है। फिलवक्त मोतीहारी में ग्रामीण बैंक की रिजनल ऑफिस में कार्यरत हैं। प्रभात बैंक की नौकरी करते हुए बीपीएससी कि परीक्षा में सफल हुए हैं। बता दें कि प्रभात ने हिसुआ इंटर स्कूल से 2003 में मैट्रिक, इंटर नारदीगंज कॉलेज नारदीगंज से 2005 में की। 2008-12 में मुजफ्फरपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग किया है।

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