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सुविधा का अभाव:डियावां रेलवे हॉल्ट पर बैठने की भी सुविधा नहीं

नवादा4 दिन पहले
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  • इसलामपुर-फतुहा रेलमार्ग पर है डियावां हॉल्ट, घास-फूस के कारण कीड़े-मकोड़े का डर

रेलवे द्वारा स्टेशन और हॉल्ट पर यात्री सुविधा बढ़ाने की बात तो की जाती है लेकिन इसलामपुर- फतुहा रेल मार्ग के डियावां हॉल्ट पर बुनियादी सुविधा का अभाव है। जिसके कारण यात्रियों को काफी परेशानी होती है। यहां तक की यात्रियों के बैठने के लिए भी सुविधा नही है। डियावां पंचायत के मुखिया भूषण पंड़ित ने बताया कि डियावां हाल्ट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। लेकिन यात्रियों के लिए बुनियादी सुविधाएं तक नही है। यहां यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था नहीं है। बारिश के मौसम में यात्रियों को काफी परेशानी होती है। हाल्ट पर घास-फूस इतना बढ़ गया है कि लोगों को जहरीले कीड़े मकोड़े का भय लगा रहता है। यात्री सुविधाओं का अभाव के कारण लोगों में आक्रोश है। यात्रियों के अनुसार हॉल्ट पर पीसीसी ढलाई जरूरी है। हाल्ट से सटे पश्चिम करायपरसुराय पंचायत की मुखिया किरण देवी ने बताया कि हाल्ट को रेलवे विभाग ने बुनियादी सुविधा से वंचित कर दिया है। जिससे यात्रियों में नाराजगी व्याप्त है।

प्लेटफॉर्म पर जमीन पर बैठकर यात्री करते हैं ट्रेन का इन्तजार
उन्होंने बताया कि प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने की सुविधा होनी चाहिए। यात्री जमीन पर बैठकर ट्रेन का इंतजार करते है। टिकट काउंटर इंचार्ज हरेराम ने कहा कि जब से कोरोना महामारी का आया है तब से टिकट की बिक्री नहीं के बराबर हो गई है। जबकि 2 वर्ष पूर्व डियावां से पटना का भाड़ा दस रूपया था। उस समय महीने में 65 से 70 हजार रुपये का टिकट कटता था। जिसका कमीशन 12 हजार से ज्यादा बन जाता था।

यात्री टिकट कटाने से कतराते हैं। अभी तो महीने का 2 हजार कमीशन बन रहा है। जबकि अभी 30 रुपये से कम का टिकट नहीं है। प्रतिदिन 3000 यात्रियों का आवागमन लगा रहता है। यात्री टिकट कटाने से कतराते हैं। यात्री का कहना है कि हॉल्ट पर बैठने की सुविधा नहीं है। धुप में खड़ी हो कर ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है। किराया में बढ़ोत्तरी हो गयी है। स्थानीय लोगों की मांग है कि हॉल्ट पर सभी बुनियादी सुविधाएं जल्द से जल्द उपलब्ध कराई जाए।

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