पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

धर्म-कर्म:संक्रमण से बचने के लिए भीड़ में न जाएं, घर में करें पूजा

नवादा13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
पूजा की सामग्री। - Dainik Bhaskar
पूजा की सामग्री।
  • 10 जून को वट सावित्री व्रत, अखंड सौभाग्य के लिए पूजा अर्चना करेगी सौभाग्यवती महिलाएं

अखंड सौभाग्य का पर्व माने जाने वाला वट सावित्री व्रत में अब बस 3 दिन बाकी है। व्रत को लेकर खरीदारी शुरू हो गई है। कुछ पंचांग में अमावस्या की तिथि 9 जून को है तो किसी में 10 जून को इसके चलते वट सावित्री त्योहार की तिथि को लेकर उहापोह तो है। लेकिन पंडितों ने 10 जून को वट सावित्री पूजा करने को कहा है।

अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के जिला प्रवक्ता पंडित विद्याधर शास्त्री ने बताया कि प्रत्‍येक वर्ष ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि यह व्रत होता है। इस वर्ष 10 जून को इस व्रत का आयोजन हो रहा है। इस अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए यह व्रत किया जाता है। इस बार के वट सावित्री को रोहिणी नक्षत्र और धृति योग के साथ शनि जयंती खास बना रहा है। यह संयोग विशेष शुभ फल कारक है। सनातन धर्म में वट सावित्री व्रत का विशेष महत्व है। इस दिन वट वृक्ष की पूजा की जाती है। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि के दिन किया जाता है। इस बार अमावस्या तिथि 10 जून (गुरुवार) को पड़ रही है।

वट सावित्री व्रत पूजन सामग्री

वट सावित्री व्रत की पूजन सामग्री के लिए सावित्री-सत्यवान की मूर्तियां, बांस का पंखा, लाल कलावा, धूप-दीप, घी, फल-फूल, रोली, सुहाग का सामान, नैवेद्य, बरगद का फल, सिन्दूर, जल से भरा कलश आदि लगता है।

कब करें वट सावित्री व्रत

अमावस्या तिथि का प्रारंभ 09 जून की दोपहर 01:57 से आरंभ हो रहा है और 10 जून की शाम 04:22 को समाप्त होगा। लेकिन 9 जून को चतुर्दशी भी है इसके चलते व्रत 10 जून को ही रखा जाएगा। व्रत का पारण 11 जून शुक्रवार को होगा। लॉकडाउन के कारण ज्‍यादातर महिलाओं अपने-अपने घरों से में वट वृक्ष का पूजन नहीं करेंगी। घर में ही वट वृक्ष के डाल को लाकर पूजा किया जाएगा। वट वृक्ष की पूजा के लिए वट वृक्ष की टहनी गमले में लगा लें और इसकी विधिवत पूजा घर पर करें।

ऐसे करें पूजा-अर्चना

पंडित विद्याधर शास्त्री कहते हैं कि वट सावित्री व्रत के दिन सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेकर सुहागिन महिलाएं 16 शृंगार करें। इसके बाद पूजा स्थल पर पूजा की तैयारी करें। वट सावित्री व्रत की पूजा विशेषकर वट वृक्ष के नीचे ही की जाती है। इस बार कोरोना वायरस के कारण आप यह पूजा अपने घर पर ही करें। एक बांस की टोकरी में सात तरह के अनाज रख लें। अब एक दूसरी बांस की टोकरी में देवी सावित्री की प्रतिमा रखें। रोजाना की तरह सभी देवी-देवताओं की पूजा करें। वट व्रत की पूजा के लिए बांस से बनी पंखा का उपयोग किया जाता है।

खबरें और भी हैं...