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लापरवाही से बढ़ी हिंसा:गंजेड़ी-शराबियों के विवाद में हिंसक झड़प, दो गांवों के बीच 4 घंटे तक पथराव और फायरिंग

नवादा /रोह17 दिन पहले
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मौके पर पहुंचे डीएम यशपाल मीणा, एसपी व अन्य पदाधिकारी। - Dainik Bhaskar
मौके पर पहुंचे डीएम यशपाल मीणा, एसपी व अन्य पदाधिकारी।
  • एसपी-डीएम ने संभाला मोर्चा, कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति संभाला, 50 से अधिक गिरफ्तार
  • सूचना मिलने के बाद भी दो दिनों तक टालते रहे थानाध्यक्ष , इसी से बिगड़ गए हालत

गंजेड़ी और शराबियों के बीच का विवाद धीरे-धीरे नासूर बनकर हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। 2 गांव के बीच हुई इस हिंसक झड़प के दौरान मारपीट और फायरिंग के बाद घंटो पथराव हुआ। घटना जिले के रोह थाना क्षेत्र के काजीचक और मरुइ के बीच की है जहां जमकर बवाल हुआ।

स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डीएम एसपी को मोर्चा संभालना पड़ा। 4 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया जा सका। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है और दो धारदार हथियार भी बरामद किया है। बताया जाता है कि 2 दिन पूर्व गांजा पीने से रोकने को लेकर विवाद हुआ था। मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। विवाद बढ़ता गया तो रविवार की सुबह मामले को सुलझाने के लिए पंचायत बैठी।

पंचायत के दौरान विवाद सुलझने के बजाय और उलझ गया और दोनों पक्ष भिड़ गए। देखते-देखते दोनों तरफ से झड़प शुरू हो गई। सुबह में फायरिंग की भी सूचना है हालांकि पुलिस फायरिंग से इंकार कर रही है। इसके बाद दोनों तरफ से हजारों लोग जुट गए और जबरदस्त रोड़ेबाजी शुरू हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन को दिनभर कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

छावनी में तब्दील रहा इलाका

इस दौरान पूरा इलाका छावनी में तब्दील रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी यशपाल मीणा और एसपी साइली धूरत सांवलाराम ने गांव पहुंचकर मोर्चा संभाला। इस दौरान स्थानीय थाना के अलावा पकरीबरावां , वारसलीगंज काशीचक, नवादा नगर ,मुफस्सिल, अकबरपुर, गोविंदपुर, कौआकोल, सहित कई थानों की पुलिस, सभी एसडीपीओ, एसडीओ, बीडीओ, सीओ सहित दो दर्जन अधिकारी दिन भर हांफते रहे।

रोड़े बरसाती रही भीड़, मुकदर्शक बनी रही रोह पुलिस

स्थानीय थाना की मौजूदगी में उपद्रवी रोड़ेबाजी करते रहे। दोनों समुदाय के लोग स्थानीय थाना की बात नही मान रहे थे और रोड़ेबाजी के साथ साथ लोगों के हाथों में हथियार और लाठी डंडा लिये हुए थे। देखते ही देखते यह मामला इतना गम्भीर हो गया की जिले के डीएम और एसपी को घटना स्थल पर पहुंचना पड़ा। सूचना मिलते ही डीएम और एसपी में मौके पर पहुंंचकर मामला को जानकारी ली और त्वरित कार्यवाई करते हुए दोनों समुदाय के उपद्रवी और शरारती तत्वों को खदेड़ा।

ऐसे शुरू हुआ विवाद

2 दिन पहले मरूई गांव के कुछ युवक काजीचक में गांजा पी रहे थे। काजीचक के लोगों ने रोका तो विवाद शुरू हो गया। इस बात को लेकर स्थानीय थाना को सूचित किया था लेकिन थानाध्यक्ष ने कोई कार्रवाई नहीं की। अगले दिन इस बात को लेकर सुंदरा गांव के सरकारी विद्यालय में पंचायत रखी गई। पंचायत रविवार के दोपहर दो बजे के बाद होनी थी लेकिन पंचायत होने के कुछ घंटा पहले ही एक पक्ष के लोगों ने पंचों को गाली देना शुरू कर दिया और भीषण झड़प शुरू हो गई।

पुलिस कर रही कैंप

एसपी धुरत सयाली सावलराम ने बताया कि फिलहाल दोनों गांव में दंडाधिकारी समेत पुलिस पदाधिकारी की तैनाती की गई। 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। इस मामले में स्थानीय थाना की लापरवाही के सवाल पर एसपी ने कहा कि जांच कर कारवाई की जाएगी। स्थानीय थाना की पुलिस को सख्त निर्देश दिया कि असमाजिक तत्वों को हिरासत में लिया जाए।

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