सजा:50 हजार दहेज के लिए कर दी थी पत्नी की हत्या, कोर्ट ने सुनाई 8 वर्ष की सजा

नवादा8 महीने पहले
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  • साथ ही दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत 1 वर्ष की सजा व 2000 का अर्थदंड लगाया, सास व भैंसुर बरी

महज 50 हजार दहेज के लिए एक युवक ने अपनी ही पत्नी को गला घोंट कर मार डाला था। घटना के करीब 5 साल बाद कोर्ट ने मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पनसाला निवासी पत्नी हंता लल्लू केवट को 8साल की सजा सुनाई है। व्यवहार न्यायालय नवादा के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार तिवारी ने दहेज हत्या के मामले की सुनवाई करते हुए सजा सुनाई है। दहेज लाकर नहीं देने के कारण पति द्वारा पत्नी की हत्या किए जाने के मामले में पति को दोषी पाते हुए भारतीय दंड संहिता की धारा 304 बी के अंतर्गत 8 वर्ष की सजा तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत 1 वर्ष की सजा और 2000 का अर्थदंड लगाया गया है।

अर्थदंड नहीं देने पर 2 माह का अतिरिक्त सजा भुगतने का आदेश दिया गया है। जानकारी के अनुसार बाढ़ जिला निवासी चंद्रदेव केवट ने अपनी पुत्री दहनी देवी की शादी 2015 में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पनशाला निवासी वेनेश्वर केवट के पुत्र लल्लू केवट से किया था। शादी के बाद विवाहिता को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और दहेज नहीं देने के कारण अंत में दाहिनी देवी की गला दबाकर हत्या कर दी गई थी। इसी मामले में मृतिका के पति तथा दो भैंसूर और सास के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया था।

केस के ट्रायल के दौरान सरकार की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहम्मद तारिक ने अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों को सुनने के बाद हत्यारे पति को 8 साल की सजा सुनाई गई जबकि सास मीना देवी तथा दोनों भैंसुर को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।

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