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मानसूनी बारिश:बारिश से मेंथा की फसल बर्बाद होने के कगार पर पहुंची, किसान मायूस

नावानगरएक महीने पहले
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बीते पांच दिनों से हो रही लगातार बारिश से मेंथा फसल पूरी तरह बर्बादी के कगार पर पहुंच गई है। मानसूनी बारिश ने मेंथा फसल को काफी प्रभावित की है। जिससे किसानों के चेहरे की रंगत ही उड़ गई है। किसानों ने इस बार व्यापक पैमाने पर इसकी खेती किया था। साथ ही फसल की अच्छी पैदावार भी हुई। पर लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

स्थिति ऐसी हो गई कि बारिश के पानी से मेंथा फसल की खेतों में पानी भर गया है। किसान पानी भरे खेतों से बचे हुए मेंथा फसल को किसी तरह बाहर निकाल रहे हैं। जिससे की उनकी लागत खर्च निकल सके। किसानों के अनुसार बीते वर्ष मेंथा फसल से हुई मुनाफा को देखते हुए इस बार और अधिक खेती कर रखा था। फसल की कटाई करनी थी। पर ऐन मौके पर लगातार बारिश ने सब बर्बाद कर दिया। महुअरी के किसान राजाराम यादव, बबुआन यादव, रंजन यादव समेत अन्य ने बताया कि इस बार मेंथा की खेती करने के लिए प्रति बीघा लगभग 20 हजार रुपये की लागत आई है।

पर बारिश से खेतों के मेड से उपर बह रहा पानी ने फसल को डूबा दिया है। जिससे लागत खर्च भी निकलना मुश्किल लग रही है। किसानों ने बताया कि पिछले दिनों से हो रही लगातार बारिश से एक हिस्सा फसल नुकसान हो चुकी है। बारिश नहींं रुकी तो शेष फसल भी बर्बाद हो जायेगी। इसको लेकर में था फसल की संकट से जुझ रहे किसानों के माथे पर चिंता की लकीर साफ झलक रही है।

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