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मोहल्लों में विकास की बुनियाद:PMC निगम पर्षद की वर्चुअल बैठक में वार्डो में 1-1 करोड़ की योजनाएं  पास

पटना10 दिन पहले
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पटना नगर निगम। - Dainik Bhaskar
पटना नगर निगम।
  • होल्डिंग टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी से आए राजस्व का होगा उपयोग

पटना नगर निगम ने शनिवार को पर्षद की 22वीं साधारण बैठक में वार्डों में विकास के लिए बुनियाद रखी है। महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान नली गली से लेकर जनता की हर समस्या काे ध्यान में रखते हुए प्रस्ताव पास किया गया है। इस दौरान निगम मद से एक-एक करोड़ रुपए की परियोजनाओं के चयन की स्वीकृति हुई है।

एक-एक करोड़ की योजना पर मुहर

सभी पार्षदों को प्राथमिकता के आधार पर एक-एक करोड़ रुपए की योजनाओं के चयन की स्वीकृति बोर्ड द्वारा प्रदान की गई है। जनवरी 2021 से लेकर दिसंबर 2021 तक निगम मद में होल्डिंग टैक्स, स्टाम्प ड्यूटी आदि स्रोतों से प्राप्त राशि से इन योजनाओं का वित्तपोषण किया जाएगा।

प्लास्टिक कचरा पर बनी बात

प्लास्टिक कचरा प्रसंस्करण इकाई के लिए रामाचक बैरिया में भूमि केंद्रीय संस्थान (सिपेट) को देने की स्वीकृति हुई है। केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं तकनीकी संस्थान ( CIPET ) रसायन एवं पेट्रो रसायन विभाग, भारत सरकार को रामाचक बैरिया में प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 12 डिसमिल भूमि तथा चार हजार वर्ग मीटर भूमि पर प्री-फैब्रिकेटेड शेड की व्यवस्था करने के लिए निगम बोर्ड ने स्वीकृति प्रदान की है। प्लास्टिक प्रसंस्करण इकाई में लगभग 6 करोड़ रुपए की लागत से मशीनों को लगाया जाएगा जिसके लिए राशि की व्यवस्था सीपेट एवं भारत सरकार द्वारा की जाएगी।

थोक कचरा को लेकर मंथन

पटना नगर निगम बोर्ड द्वारा थोक अपशिष्ट उत्पादक उप-विधि 2020 में “थोक अपशिष्ट उत्पादक” की परिभाषा को निगम पर्षद द्वारा संशोधित करने एवं संशोधित परिभाषा के अनुरूप विभिन्न धाराओं के संशोधन को भी स्वीकृति प्रदान की गई। अब पटना नगर निगम क्षेत्र में अवस्थित वैसे संस्थान, प्रतिष्ठान आदि जो प्रतिदिन औसतन 100 किलोग्राम अपशिष्ट का उत्पादन करते हैं, उन्हें थोक अपशिष्ट उत्पाद की श्रेणी में रखा जाएगा। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी में आने वाले संस्थानों के लिए परिसर में ही गीले कचरे के प्रसंस्करण की व्यवस्था करना अनिवार्य है। पटना नगर निगम द्वारा ऐसे प्रतिष्ठानों आदि से मात्र घरेलू हानिकारक अपशिष्ट, सैनिटरी कचरा, ई-कचरा एवं सूखा कचरा लिया जाएगा। इससे पहले प्रतिदिन औसत 20 किलो अपशिष्ट उत्पादन करने वालों को ठोस अपशिष्ट उत्पादक की श्रेणी में रखा गया था।

कचरा शुल्क संशोधन की स्वीकृति

ठोस कचरा प्रबंधन के लिए निर्धारित कचरा शुल्क की दर एवं प्रावधानों को संशोधित करने की स्वीकृति निगम पर्षद द्वारा प्रदान की गई। संशोधन के बाद दरें निम्न प्रकार प्रभावी होंगी। इसमें स्लम बस्ती में कच्चे मकान से कूड़ा उठाव के लिए कोई कचरा शुल्क नहीं लगेगा। वहीं, स्लम बस्ती में पक्के मकानों से 30 रुपये की जगह मात्र 20 रुपए कचरा शुल्क लिया जाएगा।

कचरा शुल्क की सूची में नई श्रेणियां

ट्रोल पंप - 1500 रुपए मासिक कचरा शुल्क

मॉल (सिनेमा हॉल के साथ) - 5000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

मॉल (बिना सिनेमा हॉल के) - 3000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

सुपर मार्केट- 2000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

शो रूम -1000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

वर्क शॉप -1000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

जिम -1000 रुपए मासिक कचरा शुल्क

दुकानों, व्यवसायिक कार्यालयों को क्षेत्रफल के आधार पर मंजूरी

200 वर्ग फुट तक क्षेत्रफल तक की दुकान- 75 रुपए

200 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल की दुकान- 100 रुपए

200 वर्ग फुट तक क्षेत्रफल वाले व्यवसायिक कार्यालय- 300 रुपए

200 वर्ग फुट से अधिक वाले व्यवसायिक कार्यालय - 500 रुपए

500 वर्ग फुट तक क्षेत्रफल के गोदाम- 750 रुपए

500 वर्ग फुट से अधिक क्षेत्रफल के गोदाम- 1000 रुपए

20 बेड के अस्पताल- 200 रुपए

20 बेड से अधिक वाले अस्पताल - 500 रुपए

कचरा की भी होगी जांच

कोरोना महामारी के दौरान भारत सरकार, राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के विभिन्न आदेशों के अधीन जितने भी प्रतिष्ठान लॉकडाउन के दौरान बंद रहे जैसे शिक्षण संस्थान, कोचिंग सेंटर आदि, उनसे लॉकडाउन की अवधि का कचरा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इस संबंध में शुल्क लेने के पूर्व जांच कर ली जाएगी की उक्त लॉकडाउन की अवधि में प्रतिदिन कचरा निकला है या नही।

नगर निगम क्षेत्र में आने वाले वैसे प्रतिष्ठान जो स्वयं गीले कचरे की प्रोसेसिंग कर रहे हैं, उन्हें निर्धारित कचरा शुल्क में पचास फीसदी की छूट दिए जाने की मंजूरी दी गई।

सफाई कर्मियों को बोनस

पटना नगर निगम पर्षद द्वारा कोरोना महामारी के दौरान सफाई कार्यों में लगे पटना नगर निगम के सभी कर्मी (सफाई निरीक्षक, सफाई पर्यवेक्षक, सफाई कर्मी, आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मी एवं चालक) को बोनस के रूप में 4500 रुपए एवं कोरोना संक्रमण से मृत्यु होने पर उनके आश्रित को 10 लाख रुपए की राशि दिए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर विशेष पैकेज

पटना नगर निगम मुख्यालय, सभी अंचल दफ्तर एवं अन्य कार्यालय में वर्ष 2019 से लेकर 2024 तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग संबंधित उपकरणों की आपूर्ति एवं अधिष्ठापन, इंटरनेट की सुविधा एवं प्रबंधन के लिए दो करोड़ बीस लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति निगम पर्षद द्वारा दी गई है।

कुम्हरार में जलापूर्ति की समस्या का समाधान

वार्ड संख्या 35 में कुम्हरार टोली में जलापूर्ति के लिए ट्यूबवेल लगाने के लिए करीब एक करोड़ 12 लाख की प्राक्कलन राशि की स्वीकृति दी गई। इसके साथ ही एजेंसी के माध्यम से स्वीपिंग मशीनों के रख रखाव की भी स्वीकृति हुई है। निगम पर्षद द्वारा 16 स्वीपिंग मशीनों का तीन साल तक रखरखाव निविदा के माध्यम से चयनित एजेंसी द्वारा निर्धारित दर पर किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

नाली-गली की सात योजनाओं की की स्वीकृति

पाटलिपुत्र प्रमंडल अंतर्गत जलजमाव से निजात पाने के लिए कच्ची नाली गली निर्माण को सात योजनाओं की राशि की स्वीकृति निगम बोर्ड द्वारा प्रदान की गई।

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